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कहां लापता हैं 'बाबूजी गर्ल' याना गुप्ता? आध्यात्म की खोज में आई थीं भारत, बन गईं नेशनल क्रश, अब पहचानना भी हुआ मुश्किल

'बाबूजी जरा धीरे चलो' में अपने लटकों-झटकों से बवाल काटने वालीं याना गुप्ता किसे ही याद नहीं होंगी। एक गाने से हर तरफ उन्होंने हलचल पैदा कर दी थी, लेकिन चमक-दमक और स्टारडम मिलने के बाद भी उन्होंने एक्टिंग इंडस्ट्री से दूरी बना ली। तो चलिए जानते हैं अब वह कहां हैं और क्या कर रही हैं।

yana gupta- India TV Hindi
Image Source : YOUTUBE/SONY MUSIC INDIA अब कहां हैं 'बाबूजी गर्ल'?

साल 2003 में विवेक ओबेरॉय, दिया मिर्जा और अतुल कुलकर्णी स्टारर एक फिल्म रिलीज हुई थी, जिसका नाम था- 'दम'। ये फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी, लेकिन इसका एक गाना ऐसा हिट हुआ कि अब भी कहीं बज जाए तो लोगों के पैर थिरक उठते हैं। 23 साल बाद भी अगर कहीं ये गाना प्ले हो जाता है तो जुबान पर चढ़ जाता है। हम बात कर रहे हैं हिट आइटम नंबर 'बाबूजी जरा धीरे चलो' की, जिसके बोल अनजान ने लिखे थे और संदीप चौटा ने म्यूजिक दिया था। वहीं सुखविंदर सिंह, सोनू कक्कड़ और सोनू कक्कड़ ने मिलकर ये हिट नंबर गाया था। अब अगर आपको ये गाना याद है तो इसमें नजर आई लड़की भी याद होगी ही। 'बाबूजी जरा धीरे चलो' में याना गुप्ता नजर आई थीं, जो अब बड़े पर्दे से पूरी तरह ओझल हो चुकी हैं, तो चलिए जानते हैं कि अब याना कहां हैं और क्या कर रही हैं।

आध्यात्म की खोज में आई थीं भारत

याना गुप्ता यूरोप और जापान में मॉडलिंग इंडस्ट्री का जाना-माना नाम थीं, लेकिन इस भागदौड़ भरी लाइफ से वह थक गई और शांति-सुकून और आध्यात्म की तलाश में भारत आ पहुंचीं। भारत में याना ओशो आश्रम जा पहुंचीं, लेकिन किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था। आध्यात्म की तलाश में भारत आईं याना बॉलीवुड तक जा पहुंचीं और फिर बॉलीवुड की सबसे चर्चित आइटम गर्ल्स में से एक बन गईं। एक ही गाने से वो ऐसी छा गईं कि अब तक उनका चेहरा लोग भूल नहीं पाए हैं।

चेकोस्लोवाकिया में हुआ जन्म

याना गुप्ता मूल रूप से चेकोस्लोवाकिया की रहने वाली थीं। 23 अप्रैल 1979 को उनका जन्म चेकोस्लोवाकिया के ब्रनो शहर में हुआ था, जो अब चेक रिपब्लिक का हिस्सा है। याना का असली नाम जाना सिंकोवा था। याना जब बहुत छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता अलग हो गए थे, जिसके बाद उनकी मां ने उनकी परवरिश की। इस दौरान याना, उनकी बहन और मां को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ा, जिसके चलते याना ने पढ़ाई पूरी करने के बाद गार्डनिंग और पार्क आर्किटेक्चर की पढ़ाई शुरू की। इसी दौरान उनकी एक दोस्त मॉडलिंग का कोर्स करने जा रही थी और उसने याना को भी ये करने की सलाह दी, जिसके बाद उनकी जिंदगी ने एक नया टर्न ले लिया।

Image Source : india tvयाना गुप्ता।

ग्लैमर वर्ल्ड की भागदौड़ से होने लगीं परेशान

याना गुप्ता जल्दी ही मॉडलिंग इंडस्ट्री का जाना-माना नाम बन गईं। उन्होंने यूरोप और जापान में भी काम किया। लेकिन, धीरे-धीरे वह मॉडलिंग की भागदौड़ से थक गईं और मानसिक शांति की तलाश में भारत के पुण स्थित ओशो के आश्रम आ पहुंचीं। इसी दौरान याना की मुलाकात सत्यकाम गुप्ता से हुई। दोनों की दोस्ती हुई और फिर ये दोस्ती प्यार में बदल गई, जिसके बाद 2001 में दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद याना ने अपने नाम के साथ गुप्ता जोड़ लिया और भारत को ही अपना घर बना लिया।

भारत में मॉडलिंग और एक्टिंग

सत्यकाम गुप्ता से शादी के बाद माना ने भारत में ही मॉडलिंग शुरू कर दी और इसी बीच मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी के साथ काम किया। डब्बू रत्नानी से मुलाकात के बाद याना की जिंदगी बदल गई। धीरे-धीरे उन्हें बड़े विज्ञापन और शो ऑफर होने लगे। 2003 में उनकी जिंदगी में तब बड़ा मोड़ आया, जब उन्होंने 'दम' में ''बाबूजी जरा धीरे चलो गाने में काम किया। इस गाने से वह रातोंरात स्टार बन गईं। इसके बाद उन्हें साउथ में भी कई आइटम सॉन्ग मिले। लेकिन, लोग उन्हें सिर्फ ग्लैमरस रोल और आइटम नंबर ही ऑफर करने लगे, जिससे वह परेशान होने लगीं।

टीवी शोज में भी किया काम

याना ने कई आइटम नंबर किए और फिर 'झलक दिखला जा' और 'फियर फैक्टरः खतरों के खिलाड़ी' में भी दिखाई दीं। लेकिन, फिर धीरे-धीरे उन्होंने एक्टिंग इंडस्ट्री से दूरी बनाना शुरू कर दिया। 2009 में याना अपनी किताब को लेकर चर्चा में रहीं, जो उन्होंने फिटनेस और खान-पान से जुड़ी दिक्कतों पर लिखी थी। फिर उन्हें 2018 में आई 'दशहरा' में देखा गया, जिसमें उन्होंने 'जोगनिया' सॉन्ग किया था और इसके बाद फिर उन्होंने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली। याना सोशल मीडिया पर भी ज्यादा एक्टिव नहीं हैं, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार वे योग, मेडिटेशन और आध्यात्मिक जीवन पर ध्यान दे रही हैं और इसके अलावा उनका फोकस लेखन और म्यूजिक पर भी है।

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