Bangladesh Hindus Protest: ढाका की सड़कों पर उतरने को क्यों मजबूर हुए बांग्लादेश के अल्पसंख्यक हिंदू?
Hindus Protest in Dhaka: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गए हैं। ढाका में लोग यूनुस सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इस आर्टिकल में पढ़िए इसके क्या कारण हैं।

ढाका: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा लगता है कि मोहम्मद यूनुस की सरकार तो कहने के लिए ही है लेकिन असल में कट्टरपंथी ही बंग्लादेश में सत्ता में छाए हुए हैं। अल्पसंख्यक हिंदुओं पर कट्टरपंथी लगातार हमले कर रहे हैं। हिंदुओं के मंदिरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और इतना ही नहीं हिंदू धर्म के पूजा-पाठ पर भी सवाल उठा रहे हैं। इन्हीं सब बातों से नाराज होकर बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हिंदू समाज के लोग सड़कों पर उतरे और कट्टरपंथियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। INDIA TV ने हिंदू प्रदर्शनकारियों से एक्सक्लूसिव बातचीत की। इस आर्टिकल में जानें अल्पसंख्यक हिंदुओं ने अपनी क्या परेशानियां बताईं।
बांग्लादेश में हिंदू क्यों कर रहे प्रदर्शन?
ढाका में हो रहे हिंदुओं के प्रदर्शनों में पहुंची एक महिला ने खास बातचीत में कहा, ''बांग्लादेश में हम हिंदुओं की जनसंख्या कम है इसीलिए सताया जा रहा है। कट्टरपंथी हमारे धर्म का अपमान करते हैं। वे हमारे मंदिरों पर हमला बोलते हैं। वे इतने पर ही नहीं रुकते, वे तो हमारी मूर्ति पूजा का भी विरोध करते हैं। हम जब पूजा करते हैं तो वह उसे शैतान की पूजा बताते हैं। हम अपने धर्म का अपमान नहीं सहेंगे। इसी के खिलाफ आज हम ढाका की सड़कों पर उतरे हैं।''
शेख हसीना के जाने के बाद बढ़े अत्याचार
महिला प्रदर्शनकारी ने ये भी बताया कि शेख हसीना के बांग्लादेश से जाने के बाद हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ गए हैं। हिंदू समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। मंदिरों को तोड़ा जा रहा है। उनके मकान को टारगेट किया जा रहा है। हिंदू लड़कियों के साथ रेप के कई मामले भी सामने आए हैं। हम लोगों की यहां सुनने वाला कोई नहीं है। भले ही हम हिंदुओं की संख्या कम हो लेकिन ये बांग्लादेश हमारा भी है। हमें अपने देश में ऐसे सताया नहीं जा सकता है। हम ये सब चुपचाप नहीं सहने वाले हैं, इसीलिए हम लोग सड़कों पर प्रदर्शन करने निकले हैं।
हिंदू प्रदर्शनकारी ने की ये अपील
ढाका में महिला प्रदर्शनकारी जब ये पूछा गया कि आप बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार से क्या अपील करना चाहती हैं तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि मैं बस यही कहना चाहती हूं कि हम हिंदुओं की रक्षा की जाए। इन कट्टरपंथियों के सामने ऐसे ना छोड़ा जाए। बांग्लादेश हमारा देश है। हम हिंदुओं को हमारी जमीन से अलग नहीं किया जा सकता है।
बद से बदतर हुई अल्पसंख्यकों की दशा
गौरतलब है कि पिछले साल 5 अगस्त को बांग्लादेश में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। जिसके बाद उन्हें बांग्लादेश से निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा था। तब शेख हसीना सुरक्षित भारत में आ गई थीं और वह अभी तक भारत में ही हैं। लेकिन उनके सत्ता से बेदखल होने के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की दशा बद से बदतर हो गई। हिंदुओं पर कट्टरपंथियों के हमले बढ़ गए।
बीते 14 महीने में कितना हिंसक बांग्लादेश?
बता दें कि यूनुस सरकार में हिंदू अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के गंभीर आरोप लगे हैं। 14 महीने के कार्यकाल में 4 हजार 177 हत्या के मामले दर्ज हुए हैं। मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल में सिर्फ ढाका में 456 मर्डर हुए हैं। कट्टरपंथियों ने 216 लोगों की लिंचिंग में हत्या की है। कई बार तो बांग्लादेश के नालों-नदियों और सड़कों पर शव पड़े मिले हैं। इसके अलावा, ऐसी कई हत्याएं हुईं जिनकी रिपोर्ट अभी तक दर्ज नहीं की गई है। सत्ता में आने के बाद यूनुस सरकार ने कई खूंखार अपराधियों को भी छोड़ा है।
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