Fact Check: इन दिनों सोशल मीडिया पर किसी भी बात को गलत दावे के साथ पेश करना बहुत ही आसान है। हालांकि इसका बहुत ज्यादा नुकसान भी होता है और ये खतरनाक है। फेक खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। इन्हीं फेक न्यूज से आपको सावधान करने के लिए हम लेकर आते हैं India TV फैक्ट चेक। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें यह दावा किया जा रहा है कि 'नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं है।'
क्या हो रहा है वायरल?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि 'नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं है।' सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक यूजर ने अपनी पोस्ट में यह दावा किया है। इसके साथ ही यूजर ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इस वीडियो में ललन सिंह को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'उम्मीदवार नीतीश कुमार जी नहीं हैं, नहीं हैं, नहीं हैं।' यूजर ने अपनी पोस्ट के कैप्शन में लिखा, "नीतीश कुमार अभी उम्मीदवार नहीं हैं! MLA चुनेंगे अपना नया CM! भाजपाई रंग में रंगे हुए लल्लन सिंह ने बजा दिया JDU का गेम!"
Image Source : screenshotसोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट का स्क्रीनशॉट।
फैक्ट चेक
चूंकि सोशल मीडिया पर यह पोस्ट काफी तेजी से वायरल हो रही थी, इसलिए हमने दावे की जांच करने का फैसला किया। वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने वीडियो के की-फ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज सर्च की मदद से जांचा। इस दौरान हमें एक एक्स पोस्ट पर वायरल वीडियो मौजूद मिला। जिसे 2 सितंबर 2022 को पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट में यूजर ने लिखा, ललन सिंह के अनुसार नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं और नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचारियों के ख़िलाफ़ नहीं बल्कि अपने राजनीतिक विरोधियों के ख़िलाफ़ कारवाई करते हैं। हमारी पड़ताल में यह स्पष्ट हो गया कि वायरल वीडियो 2022 का है। उसी दौरान ललन सिंह ने कहा था कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं, और उस वक्त बीजेपी और जेडीयू के बीच गठबंधन नहीं था।
Image Source : Screenshotपुरानी वीडियो का स्क्रीनशॉट।
फैक्ट चेक में क्या निकला?
India TV की ओर से किए गए फैक्ट चेक में सामने आया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट के साथ किया जा रहा दावा गलत है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट को ललन सिंह का हालिया बयान बताकर वायरल किया जा रहा है, जबकि यह वीडियो साल 2022 की है। ऐसे में इंडिया टीवी के फैक्ट चेक में वायरल हो रहा दावा गलत निकला। सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ इस पोस्ट को वायरल किया जा रहा था, इसलिए लोगों को ऐसी किसी भी पोस्ट से सावधान रहने की सलाह दी जाती है। India TV के फैक्ट चेक में वायरल हो रही इस पोस्ट का दावा झूठा निकला।
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