A
  1. Hindi News
  2. गुजरात
  3. अहमदाबाद: रथयात्रा में शामिल हाथी हुआ बेकाबू, वन विभाग के अमले ने काबू किया, घटना का वीडियो भी सामने आया

अहमदाबाद: रथयात्रा में शामिल हाथी हुआ बेकाबू, वन विभाग के अमले ने काबू किया, घटना का वीडियो भी सामने आया

घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि हाथी बेकाबू होकर रथयात्रा से आगे निकल जाता है। ऐसे में महावत और अन्य लोग हाथी को काबू करने के लिए उसके पीछे भागते हैं।

RathYatra- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV रथयात्रा में बेकाबू हुआ हाथी

गुजरात के अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में शामिल एक हाथी बेकाबू हो गया। इस रथयात्रा में कुल हाथी शामिल थे और बेकाबू होने वाला हाथी सबसे आगे चल रहा था। बेकाबू होने के बाद हाथी रथ से आगे निकल गया। ऐसे में महावत और अन्य लोग हाथी को काबू करने के लिए उसके पीछे भागे। वहीं, अन्य लोगों ने हाथी के रास्ते से हटकर खुद को बचाया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को भी कोई चोट नहीं आई। बेकाबू हाथी को वनविभाग के कर्मचारियों ने थोड़ी देर बाद काबू कर लिया।

इस घटना से जुड़े दो वीडियो भी सामने आए हैं। एक वीडियो में बेकाबू हाथी रथयात्रा से अलग होकर भागता दिखाई दे रहा है। वहीं, दूसरा वीडियो हाथी के बेकाबू होने के बाद का है। इस वीडियो में अन्य हाथी भी असामान्य व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं और उनके महावत उन्हें काबू करने की कोशिश करते दिख रहे हैं। हालांकि, इन हाथियों ने कोई उत्पात नहीं मचाया, लेकिन एक हाथी के बेकाबू होने के बाद अन्य हाथियों ने भी थोड़ा असामान्य व्यवहार किया था।

रथयात्रा से अलग किए गए तीन हाथी

अहमदाबाद रथयात्रा के दौरान शोर की वजह से एक हाथी बेकाबू हुआ था। महावतों और जू अथॉरिटी के कर्मचारियों ने बेकाबू हाथी को कंट्रोल किया। इस घटना के बाद कुल तीन हाथियों को रथ यात्रा से अलग किया गया। इस दौरान किसी को कोई चोट नहीं आई है।

अहमदाबाद रथयात्रा का महत्व

अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा पुरी (ओडिशा) के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी रथ यात्रा मानी जाती है। 148वीं रथ यात्रा 27 जून 2025 को सुबह 7 बजे जमालपुर स्थित 400 साल पुराने जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई और रात 8:30 बजे तक मंदिर लौटेगी। इस यात्रा का रास्ता 18 किलोमीटर लंबा है, जो जमालपुर से शुरू होकर रायपुर, कालुपुर, शाहपुर, दरियापुर, मोसल सरसपुर, प्रेम दरवाजा, दिल्ली चकला, और माणेक चौक जैसे क्षेत्रों से गुजरता है।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

इस यात्रा में 18 सजे-धजे हाथी, 101 झांकियां, 30 अखाड़े, 18 भजन मंडलियां, और 3 बैंड-बाजे शामिल हैं। सुरक्षा के लिए 23,884 से अधिक सुरक्षाकर्मी, 41 ड्रोन, 130 अतिरिक्त सीसीटीवी, एआई-आधारित निगरानी, और 25 वॉच टावर तैनात किए गए हैं।