गुजरात के भावनगर जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की बड़ी खेती का भंडाफोड़ किया है। सिहोर पुलिस ने सखावदर गांव के एक खेत से लगभग 10.92 करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पौधे जब्त किए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों ने बेहद शातिराना तरीका अपनाया था। खेत के मालिक संजय उर्फ मुन्ना चौहान (55) और बोगा (53) ने गांजा और अफीम के पौधों को अरंडी (कैस्टर) और अन्य सब्जियों की फसलों के बीच छिपाकर उगाया था, ताकि बाहर से देखने पर किसी को शक न हो।
भावनगर के पुलिस अधीक्षक (DSP) नितीश पांडे ने खुलासा करते हुए बताया, "आरोपी बोगा को अफीम की लत थी और उसका भाई संजय उसके लिए अफीम का इंतजाम करता था। लेकिन जब बाहर से इसकी उपलब्धता कम होने लगी, तो दोनों ने मिलकर अपने ही खेत में इसकी अवैध खेती शुरू कर दी।"
1,100 किलो से अधिक नशीला पदार्थ
22 फरवरी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सिहोर पुलिस ने सखावदर और सरगाम गांवों के बीच स्थित खेत पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ये प्रतिबंधित सामग्री जब्त की।
- हरे अफीम पोस्ता के पौधे- 1,087.52 किलोग्राम
- सूखी पोस्ता भूसी- 26.06 किलोग्राम
- हरा गांजा- लगभग 19 किलोग्राम
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने दोनों भाइयों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कबूल किया है कि वे अपने खेत में अफीम और गांजे की खेती कर रहे थे। सिहोर पुलिस स्टेशन के सहायक उपनिरीक्षक एच. वी. गोस्वामी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है। स्थानीय अदालत ने दोनों आरोपियों को तीन दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह अवैध खेती पिछले कितने समय से चल रही थी? तैयार किए गए ड्रग्स को किन शहरों या डीलरों को सप्लाई करने की योजना थी?