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गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी की बड़ी जीत, जानें क्या हैं इसके मायने

गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी ने 72% स्ट्राइक रेट के साथ 6,000 से ज्यादा सीटें जीतकर बड़ी जीत दर्ज की है। यह जीत 32 साल से जारी जनसमर्थन को दर्शाती है। जनता ने ‘प्रो-इंकम्बेंसी’ दिखाते हुए विकास और स्थिरता पर भरोसा जताया, जबकि विपक्ष को करारा झटका दिया।

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Image Source : REPORTER INPUT गुजरात के गृह मंत्री हर्ष संघवी, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा।

गांधीनगर: गुजरात में स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ साबित करते हुए बड़ी जीत हासिल की है। यह जीत सिर्फ चुनावी सफलता नहीं, बल्कि पिछले 32 वर्षों से लगातार मिल रहे जनसमर्थन का प्रमाण भी है। बीजेपी पिछले 32 सालों से गुजरात में सत्ता में बनी हुई है और हर चुनाव में जनता का भरोसा जीतती रही है। इस बार भी पार्टी ने करीब 72 प्रतिशत की शानदार स्ट्राइक रेट के साथ 6,000 से ज्यादा सीटें जीतकर पूरे राज्य में अपना दबदबा कायम रखा। यह जीत बताती है कि गुजरात में बीजेपी के प्रति लोगों का विश्वास आज भी उतना ही मजबूत है।

पीएम मोदी ने जताया जनता का आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत पर खुशी जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गुजरात और बीजेपी के बीच का रिश्ता अब और गहरा और अटूट हो गया है। उन्होंने राज्य की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों ने विकास और जनकल्याण की राजनीति पर एक बार फिर भरोसा जताया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में सरकार और ज्यादा मेहनत और समर्पण के साथ राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

सीएम भूपेंद्र पटेल ने भी दी बधाई

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सभी विजयी उम्मीदवारों, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गुजरात में विकास की तेज गति देखने को मिली है। गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल बीजेपी की नहीं, बल्कि विकास और पूरे गुजरात की जीत है।

गुजरात में इस बार बी ‘प्रो-इंकम्बेंसी’

आमतौर पर सत्ता के खिलाफ माहौल बनने की बात कही जाती है, लेकिन गुजरात में एक बार फिर ‘प्रो-इंकम्बेंसी’ देखने को मिली। जनता ने न सिर्फ सरकार को स्वीकार किया, बल्कि स्थिरता और निरंतरता के पक्ष में खुलकर समर्थन दिया। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह जनता के अटूट विश्वास का प्रतीक है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि गुजरात आज विकास का रोल मॉडल बन चुका है। उन्होंने जनता का आभार भी व्यक्त किया।

चुनावों में विपक्ष को बड़ा झटका

इस चुनाव में विपक्ष को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। आम आदमी पार्टी के 2,500 से ज्यादा उम्मीदवार अपनी जमानत तक नहीं बचा सके, जो राज्य में उनके कमजोर प्रदर्शन को दर्शाता है। इससे साफ संकेत मिलता है कि गुजरात की जनता ने बीजेपी को ही प्राथमिक और भरोसेमंद विकल्प माना है। चुनावी नतीजों से यह साफ है कि गुजरात के मतदाताओं का भरोसा फिलहाल बीजेपी में ही है। गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजे एक बार फिर यह साबित करते हैं कि राज्य में बीजेपी की पकड़ मजबूत है और जनता का भरोसा लगातार उसके साथ बना हुआ है।