गांधीनगर: गुजरात में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 जून से शुरू होगा। अधिकारियों ने घर-घर जाकर घरों की लिस्टिंग करने के काम के लिए एक नया शेड्यूल जारी किया है। यह काम पहले स्थानीय निकाय चुनावों की वजह से टाल दिया गया था। जनगणना संचालन के निदेशक सुजल मायात्रा ने बताया कि यह काम, जो मूल रूप से अप्रैल में होना था, अब जून भर चलेगा। इस दौरान फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी (एन्यूमरेटर) 34 जिलों और 17 नगर निगमों में घर-घर जाकर घरों की स्थिति और संपत्ति के बारे में जानकारी इकट्ठा करेंगे। इसके लिए एक खास मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जाएगा।
सुजल मायात्रा ने कहा कि नागरिक 17 मई से 31 मई तक 'सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल' का इस्तेमाल करके जनगणना में हिस्सा ले सकेंगे, जबकि घरों की लिस्टिंग का काम (HLOs) 1 जून से 30 जून तक चलेगा। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मायात्रा ने कहा कि गुजरात में जनगणना का काम शुरू में अप्रैल में होना तय था, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा के बाद इसे टाल दिया गया था।
इस पोर्टल पर ऑनलाइन जमा कर सकेंगे जानकारी
उन्होंने कहा कि जनगणना दो चरणों में होगी। पहले चरण में घरों की लिस्टिंग (HLO) होगी, जो जून में होगी, और दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या की गिनती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पहली बार नागरिक अपने घरों, घरेलू सुविधाओं और संपत्ति के बारे में जानकारी भारत सरकार के पोर्टल 'https:e. census. gov.in.' पर ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
सुजल ने कहा कि घरों की लिस्टिंग का काम (HLOs) एक खास मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करके किया जाएगा, जिसे जनगणना के फील्ड में काम करने के लिए ही बनाया गया है। उन्होंने बताया कि गुजरात के 17 नगर निगमों और 34 जिलों में इस काम में सुपरवाइजर और एन्यूमरेटर समेत 1.10 लाख से ज़्यादा कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने कहा, "उनके पास 30 दिन हैं, जिसमें हर एन्यूमरेटर को अनुमानित 700 से 800 लोगों की जानकारी इकट्ठा करनी होगी। उन्होंने आगे कहा कि यह समय-सीमा इस काम को पूरा करने के लिए काफी है।
लोगों से पूछे जाएंगे 33 सवाल
जनगणना करने वाले हर घर में जाएंगे और 33 सवाल पूछेंगे। जैसे कि घर बनाने में किस चीज़ का इस्तेमाल हुआ है। क्या वहां शौचालय की सुविधा है। क्या LPG/PNG कनेक्शन उपलब्ध है। रोशनी का मुख्य ज़रिया क्या है, खाना बनाने के लिए किस ईंधन का इस्तेमाल होता है और उनके पास कौन-कौन से वाहन हैं।