गुजरात पुलिस की स्पेशल ड्राइव: 100 घंटे में देश विरोधी तत्वों की चेकिंग, 31,834 आरोपियों का वेरिफिकेशन पूरा
गुजरात पुलिस चीफ विकास सहाय ने बताया कि पिछले 30 सालों में देश विरोधी गतिविधियों से जुड़े अपराधों के 31,834 आरोपियों का वेरिफिकेशन पूरा कर लिया गया है। दिल्ली बम धमाके के बाद पुलिस ने यह पहल शुरू की थी।
गुजरात पुलिस ने 100 घंटे के अंदर देश विरोधी मामलों में आरोपी रहे लोगों का वेरिफिकेशन पूरा कर लिया है। पुलिस के अनुसार पिछले 30 सालों में जो भी लोग देश विरोधी कार्यों से जुड़े पाए गए थे, उनकी पहचान कर वेरिफिकेशन किया गया। दिल्ली में बम धमाके के बाद गुजरात पुलिस ने इसकी शुरुआत की थी। गुजरात पुलिस के डीजीपी विकास सहाय ने बताया कि अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट, TADA, NDPS, आर्म्स, एक्सप्लोसिव एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों का 30 साल का डेटाबेस चेक किया गया और इन आरोपियों की मौजूदा गतिविधियों और नौकरियों की डिटेल्स वेरिफाई की गईं।
जांच के दौरान पुलिस को बता चला कि 31,834 आरोपियों में से 3,744 आरोपियों ने अपने पते बदले। ऐसे में नए पते के आधार पर भी चेकिंग एक्शन लिया जाएगा। वहीं, 4,506 आरोपी गुजरात राज्य के बाहर के हैं। डीजीपी ने बताया कि दूसरे फेज़ में, राज्य के बाहर के आरोपियों की चेकिंग के लिए स्पेशल SOP तैयार की जाएगी और उनका डोजियर तैयार किया जाएगा और इंटेंसिव एक्शन लिया जाएगा।
सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया कदम
गुजरात ATS द्वारा देश विरोधी तत्वों को हथियारों और जानलेवा चीजों के साथ पकड़ने की घटना और उसके बाद दिल्ली में हुई घटनाएं बम ब्लास्ट की दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए, राज्य पुलिस चीफ विकास सहाय ने तुरंत एक्शन प्लान बनाया था। राज्य में विजिलेंस बढ़ाने का प्लान बनाया और जरूरी ऑर्डर दिए। राज्य की सिक्योरिटी को और मजबूत करने के मकसद से विकास सहाय ने 17 नवंबर को एक ज़रूरी मीटिंग की और सभी शहरों/जिलों के पुलिस चीफ से कहा कि वे अगले 100 घंटों के अंदर पिछले 30 सालों में देश-विरोधी गतिविधियों में गिरफ्तार हुए आरोपियों का इंटेंसिव वेरिफिकेशन करके डोजियर तैयार करने का काम पूरा करें।
इन आरोपियों के घर पहुंची पुलिस
राज्य पुलिस चीफ विकास सहाय के निर्देशों के मुताबिक, राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों ने यह रिजल्ट देने वाला काम समय पर पूरा कर लिया है। गुजरात पुलिस ने पिछले 30 सालों का डेटाबेस चेक किया है और घर-घर जाकर कुल 31,834 आरोपियों की जांच की है। इस वेरिफिकेशन प्रोसेस में मुख्य रूप से देश-विरोधी गतिविधियों जैसे अनलॉफुल एक्टिविटीज़ प्रिवेंशन एक्ट (UAPA), टेररिस्ट डिसरप्टिव एक्टिविटीज़ प्रिवेंशन एक्ट (TADA), NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट, एक्सप्लोसिव्स एक्ट, फेक इंडियन करेंसी से जुड़े गंभीर अपराधों में शामिल आरोपी शामिल थे।
2,326 आरोपियों की मौत
पुलिस ने इन आरोपियों से उनकी मौजूदा गतिविधियों और नौकरी सहित डिटेल्स के बारे में पूछताछ की है। विकास सहाय ने बताया कि कुल 31,834 आरोपियों की चेकिंग की गई, जिसमें से 11,880 आरोपी यानी लगभग 37 प्रतिशत आरोपी मिले, इन सभी के डोजियर भरने का प्रोसेस पूरा हो चुका है। इसके अलावा, 2,326 आरोपी अब जिंदा नहीं हैं। 3,744 आरोपियों ने अपने पते बदल लिए हैं, उनके नए पते के आधार पर वहां जाकर भी चेकिंग की जाएगी। 4,506 आरोपी गुजरात राज्य के बाहर के हैं।
दूसरा फेज शुरू करेगी गुजरात पुलिस
गुजरात पुलिस ने चेकिंग का पहला फेज सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। विकास सहाय ने बताया कि अब दूसरे फेज में राज्य के बाहर के आरोपियों की चेकिंग के लिए स्पेशल SOPs बनाकर और उनके डोजियर तैयार करके इंटेंसिव एक्शन लिया जाएगा, ताकि एंटी-नेशनल एलिमेंट्स पर परमानेंट बेसिस पर मजबूत कंट्रोल रखा जा सके।
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