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Hindi News हरियाणा दो पुलिस अधिकारियों की आत्महत्या पर DGP बोले- "क्या हमारे पास बैठकर मनोबल खोने का विकल्प है?"

दो पुलिस अधिकारियों की आत्महत्या पर DGP बोले- "क्या हमारे पास बैठकर मनोबल खोने का विकल्प है?"

हरियाणा के डीजीपी ने दो पुलिस अधिकारियों की आत्महत्या किए जाने की घटनाओं पर बोलते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक कहानी पेश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता बिल्कुल अलग है।

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओ पी सिंह - India TV Hindi Image Source : ANI हरियाणा के पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह

हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) ओ पी सिंह ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के एक अधिकारी और एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) द्वारा हाल ही में कथित तौर पर आत्महत्या किए जाने की घटनाओं के संदर्भ में मंगलवार को उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि इन घटनाओं से राज्य के पुलिस बल का मनोबल प्रभावित हुआ है।

डीजीपी सिंह ने ये टिप्पणियां पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पंचकूला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कीं। हाल ही में रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में आईजी के पद पर तैनात रहे 52 वर्षीय आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के सात दिन बाद एक अन्य पुलिस अधिकारी (ASI संदीप कुमार) ने रोहतक में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। 

"आजकल दो दुनिया हैं- सोशल मीडिया और वास्तविक"

डीजीपी सिंह ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रामक कहानी पेश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता बिल्कुल अलग है। क्या दोनों घटनाओं ने राज्य पुलिस बल के मनोबल को प्रभावित किया है? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "आजकल दो दुनिया हैं- एक सोशल मीडिया की दुनिया और दूसरी, वास्तविक दुनिया। वास्तविक दुनिया में कोई समस्या नहीं है। जो कुछ भी हो रहा है वह सोशल मीडिया पर है।"

उन्होंने कहा, "हमें गहरा दुख है कि हमारे दो सहकर्मी (आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार और एएसआई संदीप), जिनकी कई साल की सेवा अभी बाकी थी और जो लोगों और राष्ट्र की सेवा कर सकते थे, अब इस दुनिया में नहीं रहे। हमने हाल ही में एक एएसआई को भी खो दिया जो यातायात ड्यूटी पर (पंचकूला में) थे। लेकिन यह एक पुलिस बल है, हमारी लड़ाई जारी है।" डीजीपी ने कहा, "हम लोगों की रक्षा के लिए हैं। क्या हमारे पास बैठकर मनोबल खोने का विकल्प है? मनोबल में कोई कमी नहीं है।" 

आत्महत्या की दो हालिया घटनाएं

बता दें कि वर्ष 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी वाई पूरन ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर- 11 स्थित अपने निजी आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। आईपीएस अधिकारी के आत्महत्या मामले में 14 अक्टूबर को एक नया मोड़ तब आया, जब रोहतक पुलिस में एएसआई संदीप कुमार ने रोहतक के एक गांव में खुद को गोली मार ली और कथित तौर पर पूरन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। इस बीच, पुलिस स्मृति दिवस पर डीजीपी सिंह ने पुलिस बल के शहीदों को 'पुलिस शहीद स्मारक' पर पुष्पांजलि अर्पित की। पुलिस स्मृति दिवस हर साल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 कर्मियों की याद में मनाया जाता है, जो 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में शहीद हो गए थे। (इनपुट- भाषा)

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