नई दिल्ली: लाल किला पर धमाका करने वाले उमर और उसके छिपने के ठिकाने को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। उमर के नूह कनेक्शन का पता चला है। उमर, दिल्ली में ब्लास्ट से पहले करीब 10 दिन हरियाणा के नूह की हिदायत कॉलोनी में था। वह अल फलाह यूनिवर्सिटी के टेक्नीशियन शोएब की साली के एक मंजिला मकान में करीब 10 से 12 दिन तक किराए पर रहा था। 30 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी से निकलने के बाद आतंकी उमर इस घर में रहा और यहां भी अपने साथ उसने अमोनियम नाइट्रेट रखा था।
नूह से लाल किले तक कैसे पहुंचा था उमर?
जानकारी के मुताबिक, शोएब के साली के घर से उमर अपनी कार में अमोनियम नाइट्रेट भरकर 9 नवंबर को नूह, मेवात के अलग-अलग इलाको में घूमता हुआ बदरपुर से दिल्ली में एंट्री करके लाल किले तक पहुंचा था। फिलहाल, शोएब एनआईए की हिरासत में है उसके रोल को वेरिफाई किया जा रहा है।
शोएब की साली के घर की हुई जांच
साथ ही नूह के एसपी राजेश कुमार, एएसपी आयुष यादव और हरियाणा एसटीएफ भी मौके का जायजा लेने शोएब की साली के घर पर पहुंची और घर के अंदर जांच की। इस दौरान, पड़ोसियों को उमर की फोटो दिखाते हुए जानकारी ली गई। एसटीएफ ने उमर के बारे में एक महिला के बारे में भी पूछताछ की।
शोएब ने उमर को दिया लॉजिस्टिक सपोर्ट
एनआईए ने दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले में फिदायीन आतंकी उमर को लॉजिस्टिक उपलब्ध करवाने के मामले में शोएब नाम के शख्स को पकड़ा है। शोएब फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में बतौर लैब असिस्टेंट काम करता था। वह उमर को लैब से केमिकल उपलब्ध कराने में मदद करता था। इस घर की 16 नवंबर को हरियाणा एसटीएफ ने भी जांच की थी और घर में ताला लगा दिया था।
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