पुराने से पुराने कब्ज की समस्या दूर करता है यह आसन, पेट होता है तुरंत साफ, शौच वाली मुद्रा में बैठकर करें और पाएं राहत
Malasana Benefits For Constipation: जो लोग कब्ज से परेशान होते हैं उन्हें रेगुलर शौच करने में दिक्कत होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं उस आसन के बारे में जो कब्ज की समस्या को दूर करने में प्रभावकारी है।
आजकल गलत खानपान, पानी की कमी और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण लोगों में कब्ज की समस्या बहुत आम हो गई है। इस वजह से पेट भारी रहना, गैस और अपच जैसी दिक्कतें भी बढ़ने लगती हैं। ऐसे में एक योगासन है जिसे शौच वाली मुद्रा में बैठकर किया जाता है, जिसका नाम है मलासन। दरअसल, योग सिर्फ मसल्स को टोन करने के लिए नहीं है। यह कई बीमारियों के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। हर योग पोज़ शरीर की अलग-अलग मसल्स को टारगेट करता है और इसके कुछ खास हेल्थ बेनिफिट्स होते हैं। मलासन के साथ भी ऐसा ही है। यह आसन पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या में भी राहत दिलाने में मदद कर सकता है। नियमित रूप से इस आसन को करने से पाचन तंत्र बेहतर होता है और पेट साफ होने में आसानी मिलती है। रोज़ाना सुबह 30 सेकंड से 1 मिनट तक मलासन करने से कोलन साफ़ हो सकता है।
मलासन करने के फायदे
मलासन को करते समय स्क्वैटिंग पोज़िशन में आने से पेट की मसल्स पर प्रेशर पड़ता है और कोलन का फंक्शन बेहतर होता है जिससे मल त्याग में मदद मिलती है। इसके अलावा मलासन बैलेंस, कॉन्संट्रेशन और फोकस को बेहतर बनाता है। यह पेल्विस में सर्कुलेशन और ब्लड फ्लो को भी बढ़ा सकता है। यह आसन प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए खास तौर पर अच्छा है क्योंकि यह बाद में बच्चे के जन्म में मदद कर सकता है।
क्या है मलासन करने का सही तरीका?
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स्टेप 1: मैट पर अपने पैरों को चौड़ा करके खड़े हो जाएं।
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स्टेप 2: अपने घुटनों को मोड़ें और स्क्वैट पोज़िशन में आने के लिए अपने बट को नीचे करें।
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स्टेप 3: अपनी कोहनियों को मोड़कर हथेलियों को एक साथ लाएं और अपनी बाहों को अपने घुटनों के अंदर ले जाएं ताकि आपकी कोहनियां आपके अंदरूनी घुटनों पर दब जाएं।
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स्टेप 4: अपनी स्पाइन को न्यूट्रल, गर्दन को सीधा और कंधों को रिलैक्स रखें।
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स्टेप 5: इस पोज़ में 4-5 सांसें लें और फिर रिलैक्स करें।
किन लोगों को नहीं करना चाहिए यह आसन?
मलासन आमतौर पर सभी के लिए सेफ है। लेकिन अगर आपको कमर या घुटने की चोट लगी है तो इस आसन से बचना सबसे अच्छा है। अगर आपको हड्डी या मांसपेशियों से जुड़ी कोई मेडिकल परेशानी है, तो योग करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें। मलासन के अलावा, आप पवनमुक्तासन या विंड-रिलीविंग पोज़ और कब्ज़ होने पर बालासन या चाइल्ड पोज़ भी ट्राई कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है
