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कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को हो सकता है खतरा, योग-आयुर्वेद से उन्हें कैसे बनाएं मजबूत, स्वामी रामदेव से जानिए

साइंटिस्ट की मानें तो भारत में सितंबर तक कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो सकती है, जो बच्चों को टारगेट बना सकती है। रिसर्च के मुताबिक, वायरस का ये वैरिएंट 1 हजार गुना ज्यादा खतरनाक और तेजी से फैलने वाला होगा।

Coronavirus third wave dangerous for children how to make them strong with Yoga Ayurveda know from S- India TV Hindi Image Source : WWW.FREEPIK.COM कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को हो सकता है खतरा, योग-आयुर्वेद से उन्हें कैसे बनाएं मजबूत, स्वामी रामदेव से जानिए

आज से करीब सवा साल पहले देशभर में कोरोना की पहली लहर ने हमला किया था। लाखों लोग कोरोना के शिकार हुए थे, जिनमें सबसे ज्यादा तादाद उस समय बुजुर्गों की थी। तकरीबन ढाई महीने पहले कोरोना की दूसरी लहर आई और इस बार 25 से 45 साल के यंग लोग कोरोना के निशाने पर हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि देश जल्द ही इस वायरस की तीसरी वेव से जूझने वाला है और इस बार हमला नन्हे-मासूम बच्चों पर हो सकता है। 

साइंटिस्ट की मानें तो भारत में सितंबर तक कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो सकती है, जो बच्चों को टारगेट बना सकती है। रिसर्च के मुताबिक, वायरस का ये वैरिएंट 1 हजार गुना ज्यादा खतरनाक और तेजी से फैलने वाला होगा। मौजूदा वक्त में भी बच्चों में कोरोना का इंफेक्शन तेजी से बढ़ते देखा है। 

सिर्फ एक महीने में देश में 80 हजार बच्चों पर कोरोना का हमला हुआ। फिलहाल बच्चों में केस ज्यादा गंभीर नहीं हैं और उनमें ज्यादातर लक्षण बुखार और डायरिया के हैं, लेकिन रिसर्च की माने तो 5 से 14 साल के बच्चे कोरोना के सुपर स्प्रेडर जरूर हैं और कोविड के बढ़ते केस की वजह भी हैं। तीसरी वेव बच्चों के लिए खतरनाक ना हो, इसलिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है, लेकिन जब तक बच्चों की वैक्सीन नहीं आती, तब तक योग से कैसे आप अपने बच्चों को मजबूत बनाएं, आयुर्वेद से उनकी इम्युनिटी को कैसे बढ़ाएं, ये स्वामी रामदेव ने बताया है। 

सूर्य नमस्कार के फायदे:

  • शरीर को ऊर्जा मिलती है।
  • फेफड़ों तक ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचती है। 
  • डिप्रेशन दूर करता है। 
  • एनर्जी लेवल बढ़ाने में सहायक है।
  • वजन घटाने में मददगार है। 
  • शरीर को डिटॉक्स करता है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  • पाचन तंत्र बेहतर होता है। 

यौगिक जॉगिंग के फायदे:

  • बॉडी में एनर्जी आती है। 
  • वजन कम करने में मददगार है।
  • शरीर को मजबूत बनाता है।
  • बॉडी फ्लेक्सिबल बनती है।
  • हाथ-पैर मजबूत होते हैं।

दंड बैठक के फायदे:

  • डिप्रेशन दूर होता है। 
  • शरीर के मसल्स मजबूत होते हैं।

कोरोना के लक्षण:

  1. बुखार
  2. खांसी
  3. सीने में दर्द
  4. सांस में तकलीफ
  5. थकान
  6. बदन दर्द
  7. पेट में दर्द
  8. डायरिया
  9. सिर में दर्द
  10. त्वचा पर रैशेज

योग से बढ़ेगी बच्चों की इम्युनिटी:

  • भुजंगासन
  • सर्वांगासन
  • योगमुद्रासन
  • शशकासन
  • गोमुखासन
  • उत्तानपादासन
  • पवनमुक्तासन
  • नौकासन
  • सेतुबंधासन
  • मंडूकासन

चक्रासन के फायदे:

  • बुढ़ापे को दूर भगाता है। 
  • त्वचा में चमक आती है।
  • कमर और रीढ़ मजबूत बनाता है।
  • हाथों को मजबूत बनाता है।
  • सीने को चौड़ा करता है।
  • मोटापे को कम करता है।
  • पेट की चर्बी कम करता है।
  • पाचन तंत्र दुरस्त होता है।
  • फेफड़ों के लिए लाभदायक है।
  • आलस को दूर भगाता है।

ताड़ासन के फायदे:

  • ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है। 
  • घुटने, टखने मजबूत बनते हैं।
  • दर्द-थकान मिटाने में मददगार है।
  • रोज अभ्यास से लंबाई बढ़ती है।
  • कब्ज ठीक होती है।

वृक्षासन के फायदे:

  • बच्चों की एकाग्रता बढ़ती है।
  • पैरों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
  • सीने को चौड़ा और मजबूत करता है।
  • शरीर को लचीला बनाने में कारगर है।
  • रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती है।
  • नजर और फोकस अच्छा होता है।

मंडूकासन के फायदे:

  • डायबिटीज को दूर करता है। 
  • डायजेशन मजबूत करता है।
  • कंसंट्रेशन बढ़ाता है।
  • लिवर और किडनी को स्वस्थ रखता है।

योगमुद्रासन के फायदे:

  • कब्ज की समस्या दूर होती है। 
  • गैस से छुटकारा मिलता है।
  • पाचन की परेशानी दूर होती है।

गोमुखासन के फायदे:

  • डायबिटीज कंट्रोल होती है। 
  • फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है।
  • रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।
  • लिवर और किडनी के रोग दूर होते हैं।

भस्त्रिका के फायदे:

  • लंग्स क्लियर करता है। 
  • वजन घटाने में कारगर है। 
  • दिल को स्वस्थ रखता है।
  • तनाव और चिंता दूर होती है।
  • अस्थमा के रोग को दूर करता है। 

बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए करें ये काम:

  • सुबह बच्चों को आंवला, एलोवेरा, गिलोय - इसका जूस रोजाना पिला दें तो उन्हें कभी उल्टी, दस्त और डायरिया नहीं होगा। 

कोरोना निगेटिव आने के बावजूद बच्चों में थकान, नींद नहीं आना और नर्व सिस्टम की कुछ दिक्कतें देखने को मिल रही हैं, इसके लिए उपाय है:

  • दूध के अंदर खजूर उबालकर पीस कर पी लें। (पंखे के नीचे ठंडे हुए दूध या थोड़े गुनगुने दूध के अंदर ही खजूर डालें)
  • गर्मियों का च्वयनप्राश अमृतरसायन- आंवले की पिष्टी को गाय के घी के अंदर भूनकर पेस्ट बना लें। फिर इसमें ब्राह्मी, शंखपुष्पी, दालचीनी मिला लें। 
  • बेटियों के लिए शतावर और बेटों के लिए अश्वगंधा - इनका 2-2 ग्राम पाउडर खा लें।
  • दूध, दही, छाछ आदि का सेवन करें। 
  • गाय का घी सबसे अच्छा इम्युनिटी बूस्टर है। इसलिए 2 चम्मच गाय का घी रोटी में लगाकर खाएं। गाय का मक्खन भी खाएं।
  • नैचुरल ऑयल का सेवन करें- सरसों का तेल, तिल का तेल, नारियल का तेल या मूंगफली का तेल।
  • मिश्रित अन्न, मिश्रित सब्जियां और मिश्रित दालें खाएं। हफ्ते में 1-2 बार अंकुरित जरूर लें। कभी जौ का दलिया तो कभी ओट्स खाएं।
  • इम्युनिटी के लिए नैचुरल फूड्स सबसे अच्छा है। फास्ट फूड और जंक फूड का सेवन बंद कर दें। 
  • बच्चों को कपालभाति और अनुलोम विलोम जरूर कराएं। 

अगर बच्चे डिप्रेशन से जूझ रहे हैं तो करें ये उपाय:

  • अनुलोम विलोम, भ्रामरी और उद्गीथ करें। 
  • मेधा वटी फायदेमंद है। 
  • रात में बादाम या अखरोट भिगोकर सुबह दूध में डालकर पिएं।  
  • नाक में बादाम रोगन की बूंदें डालने के साथ-साथ एक चम्मच भी दें। 
  • जिन बच्चों को टाइफाइड हो जाता है तो उन्हें गिलोय, खूबकला, अंजीर और मुनक्का दें। 

अगर बच्चों को अस्थमा है तो कोरोना से उनका बचाव ऐसे करें:

  • प्राणायाम जरूर करें।
  • उष्ट्रासन और भुजंगासन करें।
  • सुबह-सुबह एक गोली गिलोय की खाएं। 
  • इन उपायों को करने से फेफड़ा कमजोर नहीं होगा और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी जैसी समस्याएं ठीक हो जाएंगी। 

थकान और कमजोरी के लिए करें ये उपाय:

  • आंवला, एलोवेरा, व्हीटग्रास, गिलोय और तुलसी लें। 
  • बादाम, अखरोट, मुनक्का, अंजीर और खजूर- दूध में मिलाकर रोजाना पीने से ताकत मिलती है। 
  • तिल, नारियल, सोया, बादाम, अखरोट फायदेमंद। 
  • सुबह-सुबह जड़ी-बूटियों का रस फायदेमंद। 

जुकाम की परेशानी, नाक बंद रहती है तो करें ये उपाय:

  • सुबह उठकर सरसों का तेल या अणु तेल डालें। 
  • रात में त्रिकुटा और रीठा पानी में भिगो दें, थोड़ा सा नाक में डालें। 
  • जल नेती और सूत्र नेती कर लें। 
  • अनुलोम विलोम और कपालभाति रामबाण है। 
  • 5 बादाम गिरि और 5 काली मिर्च चबाकर खा लें। 

तेज बुखार होने पर:

  • गिलोय घनवटी, सुदर्शन घनवटी, ज्वरनाशकवटी  
  • खाने के बाद एक-एक गोली तीन बार लें।

मजबूत लंग्स के लिए:

  • श्वसारि क्वाथ रोजाना पिएं। 
  • डैमेज लंग्स में श्वसारि गोल्ड बेहद कारगर।
  • लक्ष्मीविलास, संजीवनी वटी और श्वसारि गोल्ड- खाना खाने के बाद एक-एक गोली लें। 
  • नियमित स्टीम लेना फायदेमंद। 
  • लहसुन, अदरक, प्याज और हल्दी का लेप लगाएं। 
  • चेस्ट के लिए लहसुन, अदरक, प्याज और हल्दी से लाभ। 
  • खांसी होने पर खदरादिवटी-लॉन्गादिवटी लें।

सेहतमंद दिल के लिए:

  • हृद्यामृत हार्ट प्रॉब्लम के लिए बेहद कारगर है। 
  • अर्जुन की छाल और दालचीनी का काढ़ा पिएं। 

मजबूत दिमाग के लिए:

  • ब्रेन के लिए मेधावटी, न्यूरोग्रीट, मेधाक्वाथ लें। 
  • नींद नहीं आती तो बादाम रोगन का प्रयोग करें। 

त्रिफला के लाभ:

  • एंटी इंफ्लामेटरी गुण 
  • एंटी-ऑक्सीडेंट गुण
  • रोज सुबह त्रिफला जूस का सेवन करें।
  • इम्यून सिस्टम मजबूत करता है। 

गोल्डन मिल्क:

  • दूध में हल्दी डालकर उबालें। 
  • रात में सोने से पहले पिएं।
  • इम्युनिटी को बढ़ाता है।

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