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महिलाओं में एचआईवी कैसे होता है, डॉक्टर से जानिए किन कारणों से बढ़ता है एड्स होने का खतरा, क्या हैं लक्षण

HIV AIDS In Women Causes Symptoms: महिला और पुरुष किसी को भी एचआईवी हो सकता है। डॉक्टर से जानिए महिलाओं में HIV होने के बड़े कारण क्या हैं। महिलाओं में एचआईवी के क्या लक्षण नजर आते हैं?

महिलाओं में एचआईवी एड्स के लक्षण- India TV Hindi Image Source : FREEPIK महिलाओं में एचआईवी एड्स के लक्षण

एचआईवी से महिला और पुरुष दोनों ही संक्रमित हो सकते हैं। विकासशील देशों में एचआईवी से संक्रमित महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 17 साल से कम उम्र की महिलाओं को एचआईवी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे अंडर डेवलप्ड सर्विक्स और वजाइनल म्यूकस कम होना और ज्यादा पार्टनर से असुरक्षित संबंध बनाना भी है। सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज भी एचआईवी संक्रमण का खतरा बढ़ाती हैं। डॉक्टर से जानते हैं महिलाओं में एचआईवी संक्रमण का कारण, ये कैसे होता है और महिलाओं में इसके क्या लक्षण नजर आते हैं?

इस बारे में आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया कि इस प्रश्न का जवाब केवल विज्ञान के द्वारा नहीं बल्कि आपकी सामाजिक मान्यताओं पर भी निर्भर करता है। इस बीमारी के कारण व्यक्ति की रोगप्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है और आप किसी भी बीमारी या संक्रमण से जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। इसके लिए सबसे पहले उन कारणों को समझना जरूरी है जो महिलाओं में एचआईवी का खतरा बढ़ाते हैं।

महिलाओं में एचआईवी कैसे होता है? 

असुरक्षित यौन संबंध- जब कोई एचआईवी नेगेटिव महिला किसी एचआईवी पॉजिटिव पुरुष के साथ असुरक्षित संबंध बनाती है तब पुरुष के सीमेन के साथ एचआईवी का वायरस महिला के वजाइना से शरीर में प्रवेश कर जाता है। अगर महिला के वजाइना के रास्ते में किसी तरह का घाव का कट है तो संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। 

पति के दूसरी महिलाओं से संबंध- भारतीय समाज में ज्यादातर महिलाएं अपने पति पर पूरा भरोसा करती हैं और उनके साथ बिना कंडोम के भी संबंध बनाने के लिए तैयार रहती हैं। जबकि ज्यादातर ऐसे मामलों अगर पति का शादी से इतर किसी के साथ संबंध है और वह एचआईवी पॉजिटिव है तो अनजाने में वही वायरस महिला के शरीर में प्रवेश कर जाता है और एचआईवी का कारण बनता है। इसके लिए अपनी हेल्थ की जांच करवाते रहें।

संक्रमित खून- अगर आप किसी एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए मेडिकल उपकरण जैसे इंजेक्शन या ब्लड का प्रयोग करते हैं तो इससे भी आपको एचआईवी हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति का खून चढ़ाने से भी आपको एचआईवी हो सकता है।

प्रेगनेंसी या स्तनपान- अगर आप एक गर्भवती महिला हैं तो अपना नियमित एचआईवी टेस्ट करवाते रहें। बच्चे को फीड करने वाली महिलाओं से बच्चे में यह एचआईवी ट्रांसफर होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें और जोखिम कम करने के लिए Antiretroviral Treatment लें।

महिलाओं में एचआईवी के लक्षण

  1. एचआईवी से पीड़ित महिला में अक्यूट लेवल पर फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। जिसमें बुखार, सर्दी, गला खराब, वजन घटना और मुंह में अल्सर और छाले जैसे हो सकते हैं।

  2. एचआईवी की क्रॉनिक स्टेज पर कोई भी स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। ऐसा कई सालों तक चल सकता है, जिसमें आपको संक्रमण का कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देगा। लेकिन धीरे-धीरे वायरस प्रतिरक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाता रहेगा।

  3. एड्स, एचआईवी संक्रमण का अंतिम चरण है। इसमें इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली की वजह से संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। जिसके लक्षण बहुत तेज और कम दोनों हो सकते हैं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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