आपको बता दें कि हर साल 13 सितंबर के दिन को विश्व सेप्सिस दिवस के तौर पर मनाया जाता है। अगर सही समय पर सेप्सिस का पता न लग पाए, तो मरीज की जान भी जा सकती है। सेप्सिस के लक्षणों में तेज बुखार, ठंड लगना, तेज हार्ट बीट, तेज सांस लेना, भ्रम, मानसिक स्थिति में बदलाव और गंभीर दर्द या फिर बेचैनी जैसे लक्षण शामिल हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सेप्सिस से ठीक होने का समय, इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज की स्थिति कितनी गंभीर है।
गौर करने वाली बात
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सेप्सिस से जूझ रहे कुछ लोग जहां कुछ हफ्तों में ही ठीक हो जाते हैं, तो वहीं कुछ लोगों को महीनों या फिर सालों भी लग सकते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सेप्सिस के कुछ मामलों में फिजिकल और मेंटल लक्षण जीवन भर भी बने रह सकते हैं। इसलिए सही समय पर सेप्सिस का इलाज शुरू करवाना बेहद जरूरी हो जाता है।
रिकवरी के लिए जिम्मेदार फैक्टर्स
सेप्सिस से उबरने में आपको कितना समय लगता है, इसका सटीक जवाब आपकी उम्र, ओवरऑल हेल्थ और इंफेक्शन के कारण बनने वाले बैक्टीरिया के टाइप पर भी निर्भर करता है। इस बात में कोई शक नहीं है कि हल्के सेप्सिस से जल्दी ठीक हुआ जा सकता। लेकिन अगर गंभीर सेप्सिस हो या फिर सेप्टिक शॉक की स्थिति हो तो ठीक होने में ज्यादा समय लग सकता है।
उबरने के लिए क्या करें?
आपको बता दें कि सेप्सिस एक मेडिकल इमरजेंसी है। अगर आप सेप्सिस से पूरी तरह से ठीक होना चाहते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट कर लेना चाहिए। जल्दी उबरने के लिए या फिर फास्ट रिकवरी के लिए इलाज शुरू करवाएं। समय रहते ट्रीटमेंट शुरू करवाने की वजह से लॉन्ग टर्म ऑर्गन डैमेज से बचने की और ठीक होने की संभावना भी बढ़ जाती है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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