ओरल हाईजीन का रिश्ता सिर्फ दांत मसूड़ों से ही नहीं बल्कि दिल दिमाग और डायजेशन से भी होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक, ओरल प्रॉब्लम से धमनियों के ब्लॉक होने की आशंका बढ़ जाती है। बैक्टीरिया और वायरस ब्लड में मिलकर ब्लड वेसेल्स में सूजन के लेवल को बढ़ा देते हैं जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। खराब दांतों-जबड़े की वजह से दिमाग पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। तो चलिए मुंह की सफाई के तमाम नेचुरल तरीके तो योगगुरु से जानेंगे ही..साथ में इससे होने वाली घातक बीमारियों को भी योगाभ्यास से दूर करेंगे
ओरल हेल्थ से कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?
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डायबिटीज: ओरल हेल्थ का ख्याल रखना बहुत जरूरी है क्योंकि तमाम बैक्टीरिया और वायरस मुंह से निकलकर ब्लड के जरिए शरीर के दूसरे अंगों में पहुंच जाते हैं और इंफ्लेमेशन की वजह बनते हैं डायबिटीज समेत सांसों की कई गंभीर बीमारी दे सकते हैं
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दिल की बीमारी: अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की स्टडी के अनुसार खराब ओरल हेल्थ धमनियों में ब्लॉकेज और ब्लड वेसेल्स में सूजन बढ़ाकर दिल की बीमारी और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती है।
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डिमेंशिया का खतरा: ओरल हेल्थ का ब्रेन से गहरा कनेक्शन है, क्योंकि इसकी खराबी ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचाकर याददाश्त कमजोर कर सकती है और डिमेंशिया का खतरा बढ़ा सकती है।‘नेशनल इंस्टिट्यूट ऑन एजिंग’ की स्टडी के अनुसार खराब ओरल हेल्थ, खासकर मसूड़ों की बीमारी, स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन बढ़ाने के साथ अल्जाइमर का खतरा भी बढ़ा सकती है।
ओरल हेल्थ का ध्यान रखने के टिप्स:
रोज़ाना सुबह-शाम कम से कम 2 मिनट तक ब्रश करें। जीभ की सफाई जरूर करें। ऑयल पुलिंग (नारियल या तिल के तेल से कुल्ला) करें। नीम या बबूल की दातून का इस्तेमाल करें। ज्यादा मीठा और जंक फूड कम खाएं। दिन में 2–3 बार कुल्ला करने की आदत डालें। हर 6 महीने में डेंटिस्ट से चेकअप कराएं
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें
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