हिमालय में मिली कैंसर से बचने की औषधि! इन घातक बीमारियों में है असरदार, जानिए क्या हैं चागा मशरूम के फायदे
Chaga Mushroom Benefits: करीब 10 हज़ार फीट ऊपर हिमालय की पहाड़ियों में एक दुर्लभ फल मिला है जिसे चागा मशरूम कहते हैं। ये फल 100 साल पुराने पेड़ पर आता है। खून की कमी, कमरदर्द, हाई BP, शुगर, हड्डियां-नजर कमजोर और कैंसर के खतरे को भी दूर करता है। जानिए चागा मशरूम के फायदे।

Chaga Mashroom Ke Fayde: हिमालय के पहाड़ सिर्फ बर्फ नहीं ओढ़ते, ये अपने सीने में वो रहस्य छुपाए बैठे हैं जो इंसान की जान बचा सकते हैं। जहां हवा भी इजाजत लेकर बहती है और जहां हर पेड़, हर जड़ किसी दवा से कम नहीं होती। अब हिमालय की गोद में एक ऐसे खजाने का पता चला है जो उन करोड़ों लोगों के लिए उम्मीद बन सकता है, जिनका शरीर पोषण की कमी से जूझ रहा है। जी हां धारचूला के ऊंचे इलाकों में कुदरत ने एक ऐसी औषधि छुपा रखी थी, जिसे दुनिया 'चागा मशरूम' के नाम से जानती है। ये कोई आम मशरूम नहीं है। ये उगता है सिर्फ '100 साल पुराने भोजपत्र के पेड़ों पर' वो भी '3000 मीटर से ज़्यादा ऊंचाई' पर। ये दिखने में ऐसा लगता है जैसे जला हुआ कोयला या मधुमक्खी का छत्ता हो। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि अब तक दुनिया मानती थी कि चागा मशरूम सिर्फ रूस और साइबेरिया के जंगलों में मिलता है।
चागा मशरूम के फायदे
जड़ी-बूटी शोध संस्थान (मंडल) से सेवानिवृत्त वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विजय भट्ट ने धारचूला के बालिंग और सीपू जैसे दुर्गम इलाकों में चागा मशरूम की पहचान की है। वैसे तो चागा मशरूम कैंसर से लेकर इम्युनिटी और सूजन तक कई गंभीर बीमारियों में फायदेमंद माना जाता है। लेकिन आज हम आपको बताएंगे इसका वो फायदा, जो सीधे देश की एक बहुत बड़ी हेल्थ इमरजेंसी से जुड़ा है। जी हां आज भारत में करोड़ों लोग एनीमिया यानि खून की कमी से जूझ रहे हैं और ये सिर्फ एक बीमारी नहीं, ये धीरे-धीरे पूरे शरीर को कमजोर बना देने वाली दिक्कत है।
आयरन की कमी से क्या होता है?
दरअसल हमारे खून में मौजूद RBC फेफड़ों से ऑक्सीजन उठाकर पूरे शरीर तक पहुंचाती हैं, लेकिन जब हीमोग्लोबिन कम हो जाता है तो ऑक्सीजन की ये सप्लाई धीरे-धीरे टूटने लगती है। जिससे लोगों में लगातार थकान, चक्कर, सांस फूलना, हाथ-पैर ठंडे रहना, चेहरा पीला पड़ना, और दिल की धड़कन तेज होना जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। वैसे खून की कमी की वजह कई बार आयरन तो कभी विटामिन B-12, फोलिक एसिड, पेट में कीड़े की वजह बन सकती है।
दुर्लभ चागा मशरूम दूर करेगा ये बीमारियां
सीधा समझिए अगर शरीर में हीमोग्लोबिन 10 से नीचे हो तो ये माइल्ड एनीमिया है। लेकिन 8 से 9 पर पहुंचते ही हार्ट और लग्स दोनों थकने लगते हैं और अगर लेवल 8 से नीचे गिर जाए तो हालात जानलेवा भी हो सकते हैं। यही वजह है कि खून की कमी सिर्फ एक इंसान की बीमारी नहीं ये पूरे परिवार की सेहत और भविष्य पर असर डालती है और ऐसे में हिमालय से निकला ये दुर्लभ 'चागा मशरूम' पोषण की कमी से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए नई उम्मीद बन सकता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)