भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर लोग अपनी सेहत की देखभाल करना भूल जाते हैं। अगर आप सेहत से जुड़ी गंभीर और खतरनाक बीमारियों का शिकार बनने से बचना चाहते हैं, तो आपको किसी न किसी फिजिकल एक्टिविटी को अपने डेली रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए। आयुर्वेद के मुताबिक हर रोज टहलकर भी आप अपनी सेहत और शरीर को मजबूत बना सकते हैं। आइए वॉक करने के सही तरीके के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।
क्या कहता है आयुर्वेद?
आयुर्वेद में घास पर नंगे पैर चलने की आदत को सेहत के लिए वरदान बताया जाता है। दादी-नानी के जमाने से भी घास पर नंगे पैर चलने की सलाह दी जाती रही है। घास पर वॉक करने से न केवल आपकी फिजिकल हेल्थ पर बल्कि आपकी मेंटल हेल्थ पर भी ढेर सारे पॉजिटिव असर पड़ते हैं। आइए कुछ हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में जानकारी हासिल करते हैं।
सेहत को मिलेंगे जबरदस्त फायदे
रोज घास पर चलकर आप अपने एनर्जी लेवल्स को बूस्ट कर सकते हैं। इसके अलावा घास पर वॉक करने की वजह से आपका स्ट्रेस कम होगा और आपका माइंड रिलैक्स्ड महसूस कर पाएगा। आंखों की रौशनी को बढ़ाने के लिए भी इस नियम को फॉलो किया जा सकता है। इतना ही नहीं नंगे पैर घास पर टहलने की वजह से ब्लड प्रेशर पर भी काबू पाया जा सकता है। आयुर्वेद के मुताबिक घास पर चलना गट हेल्थ के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है।
क्या है सबसे सही समय?
घास पर वॉक करने के लिए सुबह के समय को परफेक्ट माना जाता है। सुबह-सुबह सूर्योदय यानी सूरज उगने से पहले घास पर नंगे पैर टहला जा सकता है। इस समय वातावरण में ऑक्सीजन की अच्छी खासी मात्रा मौजूद होती है। महज एक महीने तक हर रोज सुबह-सुबह घास पर नंगे पैर चलने के नियम को फॉलो करें और खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर देखें।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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