गेहूं की रोटी लगभग हर भारतीय घरों में बनाई जाती है। इसे लोग सब्जी, दाल, दूध के साथ बड़े चाव से खाते हैं। रोटी शरीर को एनर्जी देने के साथ साथ कई फायदे भी पहुंचाती है। लेकिन गेहूं की रोटी खाने से कुछ लोगों को काफी परेशानी होती है। हालांकि उन्हें समझ नहीं आता कि ये परेशानी रोटी से हो रही या किसी और चीज से। कई बार लोग इसे नज़रअंदाज कर देते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कुछ लोगों को गेहूं की रोटी खाने से बचना चाहिए। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं किन लोगों को गेहूं की रोटी नुकसान पहुंचा सकती है।
1. सीलिएक रोग
यह एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है जिसमें शरीर ग्लूटेन को पचा नहीं पाता। इसमें गेहूं खाने से छोटी आंत को नुकसान पहुंचता है और पोषक तत्वों का अवशोषण रुक जाता है।
2. ग्लूटेन सेंसिटिविटी
कुछ लोगों को सीलिएक रोग तो नहीं होता, लेकिन गेहूं खाने पर उन्हें पेट फूलना, गैस, दस्त या पेट में दर्द जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे लोगों को गेहूं की मात्रा कम रखनी चाहिए या इसे पूरी तरह बंद कर देना चाहिए।
3. गेहूं से एलर्जी
यह शरीर की एक एलर्जिक प्रतिक्रिया है। इसमें गेहूं खाने के बाद त्वचा पर चकत्ते, खुजली, सांस लेने में दिक्कत या नाक बहने जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
4. इरिटेबल बाउल सिंड्रोम
IBS से पीड़ित कुछ लोगों के लिए गेहूं में मौजूद 'फ्रुक्टन्स' को पचाना मुश्किल होता है। इससे गैस और पाचन संबंधी बेचैनी बढ़ सकती है।
5. टाइप-2 डायबिटीज
गेहूं का ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी अधिक होता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि डायबिटीज में गेहूं पूरी तरह वर्जित नहीं है, लेकिन मैदा से बचना चाहिए और चोकरयुक्त गेहूं का ही सेवन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है
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