Kidney Stone: आज के खान-पान के कारण बहुत से लोगों को कम उम्र में बीमारियां होने लगी है। वहीं किडनी में स्टोन भी आजकल लोगों में देखा जा रहा है। किडनी में स्टोन मिनरल एंड नमक के मेल से होते है। इनका आकार छोटा या बड़ा कैसा भी हो सकती है। कई बार ये छोटे स्टोन हमारे टॉयलेट के जरिए बाहर निकल जाते हैं, लेकिन कई बार इनका आकार बड़ा होने के कारण उन्हें ऑपरेशन के जरिए निकाल ना पड़ता है। चालिए जानते है किडनी में स्टोन होने के लक्षण क्या हैं।
किडनी स्टोन के लक्षण
- टॉयलेट में जलन
- टॉयलेट में खून निकलना
- टॉयलेट से दुर्गन्ध आना
- कम टॉयलेट होना
- टॉयलेट साफ न होना
- ज्यादा टॉयलेट जाना
किडनी में स्टोन होने की वजह
शरीर में पानी की कमी, पथरी का मुख्य कारण है। दरअसल, यूरिक एसिड (मूत्र का एक घटक) पतला करने के लिए पर्याप्त पानी चाहिए होता है और ऐसा न होने पर मूत्र अधिक अम्लीय बन जाता है। यह अम्लीय गुर्दे की पथरी बनने का मुख्य कारण होता है।
पानी काम पीना
कहा गया है जल ही जीवन है। हमारे शरीर के लिए पानी पीना बहुत जरूरी है। जो लोग कम पानी पीते है उन्हें कुछ समय बाद कुछ न कुछ बीमारी हो ही जाती है इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। कम पानी पीने से किडनी में स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है। बता दें आपको एक दिन में 6-8 गिलास पानी पीना ही चाहिए।
खाना
हमे समय में सही भोजन करना चाहिए। वही जो लोग अपने डाइट में बहुत ज्यादा प्रोटीन की मात्रा, नमक और चीनी शामिल करते हैं, तो इससे किडनी स्टोन होने का खतरा बढ़ जाता है। जो लोग ज्यादा नमक खाते हैं उन्हें भी ऐसी बीमारी हो सकती है।
मोटापा
आज कल के खान-पान से मोटापा आम बात हो गई है, लेकिन मोटापा एक ऐसी समस्या है जो कई बीमारियों को बढ़ाती है। मोटापे की वजह से बॉडी मास इंडेक्स बढ़ जाता है। इससे किडनी में स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। वजन को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी है।
सर्जरी
अगर आपकी कोई सर्जरी हुई है या फिर आप पहले से किसी बीमारी से ग्रसित हैं तो स्टोन का खतरा बढ़ जाता है।
ये करें
किडनी स्टोन की समस्या से बचने के लिए खुद को हाइड्रेट रखना जरूरी है। खाने में नमक का इस्तेमाल कम करें. पालक, साबुत अनाज, टमाटर, बैंगन और चॉकलेट आदि के सेवन से बचें।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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