Weight Loss Tips: आजकल की बिज़ी लाइफ में ज़्यादातर लोग मोटापे का शिकार हो रहे हैं। इस वजह से लोगों को कई प्रकार की बीमारियां होने लगी हैं। मोटापे की वजह से अक्सर लोग शर्मिंदगी का भाव भी महसूस करते हैं। अपने वजन को कम करने के लिए फिर लोग ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिसका सीधा असर उनके शरीर के साथ साथ उनके दिमाग पर भी होता है और उससे पैदा होता है स्ट्रेस और एंजायटी!
वजन कम करना केवल एक्सरसाइज, डाइट या स्लिम बॉडी से संबंधित नहीं है। जब बात वजन घटाने की आती है, तो लोगों की बॉडी पर अलग अलग तरह की चीज़ें काम करती हैं। कभी-कभी, प्रोटीन से भरपूर आहार और तमाम व्यायाम के बाद भी वजन कम करना काफी कठिन हो सकता है। इसलिए वजन कम करने के साथ साथ हेल्दी लाइफ को प्राथमिकता देनी चाहिए। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर वजन घटाने की कुछ सामान्य गलतियों जो लोग करते हैं उसे पोस्ट किया है। जिसमें उन्होंने ज्यादा वजन से परेशान लोगों के लिए डाइट और एक्सरसाइज़ के अलावा उन चीजों के बारे में भी बताया है, जिसकी तरफ लोग ज़्यादातर ध्यान नहीं देते हैं। इन्हीं बातों को अनदेखा करने से लोग अक्सर अवसाद और एंग्जाइटी का शिकार होते हैं।
वजन कम करने का मतलब सिर्फ थुलथुल शरीर को शेप में लाना नहीं होता है, बल्कि यह आपके पूरे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के बारे में होता है। वजन कम करने के दौरान ताकत और सहनशक्ति की बहुत ज़रूरत होती है। इसलिए इस प्रोसेस के दौरान उन तरीकों को अपनाएं जिससे आपको मेन्टल ट्रामा न झेलना पड़े।
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर कहती हैं कि कोई भी दो वेट लॉस का एक्सपीरियंस एक समान नहीं हो सकता। अगर आपको लगता है कि पहले वेट लॉस की जर्नी में आपका भोजन आपके लिए बेहतर रहा है, तो हो सकता है कि इस बार यह भोजन आपकी आवश्यकताओं के अनुसार उपयुक्त न हो।
वेट लॉस के लिए लोग घंटों एक्सरसाइज करते हैं और कम खाते हैं। लेकिन यह गलत तरीका है और अपने शरीर के साथ ज़्यादती है। भोजन और एक्सरसाइज़ दोनों को बैलेंस होना ज़रूरी है। हर दिन आधा घंटा या हर दूसरे दिन में एक घंटा एक्सरसाइज़ काफी है। सोशल मीडिया के ट्रेंड्स को आँख बंद करके फॉलो न करें, इसके बजाय अपनी दादी-नानी के नुस्खे आजमाएं।
रुजुता दिवेकर का मानना है कि थोड़े से समय में तेजी से मोटापा कम करना अपने साथ ज़्यादती करना है। लोग सोशल मीडिया से इन्फ्लुएंस होकर तुरंत वेट कम करने के चक्कर में पड़ जाते हैं। जिस वजह से उनका शरीर कमजोर हो जाता है और चेहरे की चमक भी खो जाती है। ऐसा करने से कई बार बहुत ज़्यादा तनाव महसूस होता है जो आपके हेल्थ के लिहाज़ से बिलकुल भी सही नहीं है। इसलिए वजन कम करने में जल्दबाजी करते हुए कुछ शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले विकल्प न चुने।
रुजुता दिवेकर के अनुसार अपने परिणाम को जल्दबाजी में देखकर खुद को कोसना सही विकल्प नहीं है। अपनी वेट लॉस जर्नी को हर कदम पर ध्यान देना चाहिए और इस जर्नी का आनंद लेना चाहिए। अपने शरीर में होने वाले परिवर्तनों को देखने के लिए कम से कम तीन महीने का समय लेना एक अच्छा विचार है।
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