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Hindi News हेल्थ वैज्ञानिकों की पसंद सदियों पुराना खाने का तरीका, स्वामी रामदेव ने भी बताए जमीन पर बैठकर खाने के फायदे

वैज्ञानिकों की पसंद सदियों पुराना खाने का तरीका, स्वामी रामदेव ने भी बताए जमीन पर बैठकर खाने के फायदे

Age old eating method: हेल्दी खान-पान और खाने-पीने का सही तरीका, आपकी सेहत को सुधारने में कारगर साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कि स्वामी रामदेव ने सदियों पुराने खाने के तरीके और इसके कुछ फायदों के बारे में क्या बताया...

जमीन पर बैठकर खाने के फायदे- India TV Hindi Image Source : FREEPIK जमीन पर बैठकर खाने के फायदे

खाने के साथ-साथ खाने का तरीका भी मायने रखता है। पहले के जमाने में लोग 'जमीन पर बैठकर' खाना खाते थे। गांवों में भोज-भात हो, शादी की पंगत दिखे या फिर घर में दादी-नानी की रसोई हो, पहले तो नीचे बैठकर खाना ही परंपरा थी। कुछ दिन पहले जमीन पर बैठकर आमिर खान की इफ्तार करते तस्वीरें आई थीं। आमिर खान की ये तस्वीरें याद दिलाती हैं कि बैक टू बेसिक्स ही असली लग्जरी है।

गट हेल्थ के लिए फायदेमंद- जमीन पर पालथी मारकर बैठना सिर्फ परंपरा नहीं है। ये एक नेचुरल फिटनेस पोज है। जब हम सुखासन में बैठते हैं, तो पेट पर हल्का दबाव बनता है जिससे डाइजेस्टिव एंजाइम्स एक्टिव होती हैं मतलब खाना सिर्फ पेट में नहीं जाता बल्कि शरीर उसे सही तरीके से एब्जॉर्ब भी करता है। यही वजह है कि गैस-अपच जैसी परेशानी जमीन पर बैठकर खाने वाले लोगों में कम होती है।

गौर करने वाली बात- इस तरह से खाने से 'वैगस नर्व' एक्टिव होती है जो दिमाग को सिग्नल देती है कि अब पेट भर चुका है यानी ओवरईटिंग अपने आप कंट्रोल रहती है। इतना ही नहीं, जब आप सुखासन में बैठते हैं, तो घुटने-कूल्हे और रीढ़ की लचक भी बनी रहती है। इससे पॉश्चर भी सुधरता है, पीठ दर्द का रिस्क कम होता है, मन शांत रहता है और आप 'माइंडफुल ईटिंग रिचुअल' को फॉलो कर पाते हैं।

क्यों बेहतर है सदियों पुराना खाने का तरीका- बदलते वक्त के साथ लोग टेबल-कुर्सी पर बैठकर खाना खाने लगे। इस सुविधा के साथ जल्दी-जल्दी खाना, झुकी हुई पीठ और लगातार कमजोर होता डाइजेस्टिव सिस्टम, इस तरह की समस्याएं भी आईं। दरअसल, जब हम कुर्सी पर बैठते हैं, तब डाइजेशन का नेचुरल प्रोसेस स्लो हो जाता है। इसलिए कोशिश यही होनी चाहिए कि जब हो सके तब जमीन पर बैठकर खाएं।

बनाएं जमीन पर बैठकर खाने की आदत- सेहत सिर्फ एक्सरसाइज और सुपरफूड में ही नहीं छिपी होती, ये हमारे खाने के तौर-तरीके से भी तय होती है। आज से ही जमीन पर बैठकर खाने की आदत बनाएं जिससे आपकी सेहत मजबूत बनी रहे। साथ में योगाभ्यास भी कीजिए और खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस कीजिए।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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