3- लोकेशन और वास्तविक फ्लैट करें विजिट
ब्रॉशर में दिए गए फ्लैट के एरिया पर भरोसा न करके जहां प्रोजेक्ट बन रहा है उस जगह को खुद जाकर विजिट करें। इससे जहां आप एक ओर आपके फ्लैट में इस्तेमाल होने वाले रॉ मैटेरियल को देख पाएंगे, वहीं दूसरी ओर आपको
आसपास की लोकेशन जैसे हॉस्पिटल की दूरी, स्कूल, बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड जैसी चीजों से अपने घर की दूरी को मापने में मदद मिलेगी। इन सब चीजों के लिए सिर्फ ब्राशर पर यकीन करने से आप गलतफहमी के शिकार हो सकते हैं।
ज्यादातर डेवलपर्स साइट पर ग्राहकों के विजिट के लिए एक एक्चुअल फ्लैट बनाते हैं।
अगली स्लाइड में समझें सुपर एरिया और कार्पेट एरिया का गणित...
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