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10 प्वाइंट चेकलिस्ट: फ्लैट बुक करने में नहीं होगी कोई चूक

चौराहे पर लगे प्रॉपर्टी डेवलपर्स के लगे बड़े बड़े होर्डिंग, फोन पर फ्लैट बुकिंग के साथ मिलने वाले शानदार ऑफर और अखबारों में छपने वाले लंबे चौड़े इस्तेहार देखकर अगर आप भी प्रॉपर्टी बुक करने

4- बिल्टअप एरिया, सुपर एरिया और कार्पेट एरिया में न हों कनफ्यूज
ग्राहक कई बार फ्लैट में लिखे सुपर एरिया को अपने फ्लैट का साइज मानकर फ्लैट की बुकिंग कर देते हैं। जबकि असल फ्लैट इससे काफी कम होता है। ऐसे में ग्राहकों को बिल्टअप, सुपर और कार्पेट एरिया का गणित भलिभांति समझ
लेना चाहिए। इन एरिया का गणित समझना बहुत ही आसान है। कारपेट एरिया उस एरिया को कहते है जिस पर आप कारपेट बिछा सकें। इस एरिया में फ्लैट की दीवारें शामिल नहीं होती हैं। यह फ्लैट का अंदर का खाली स्थान होता है। 
बिल्टअप एरिया में फ्लैट की दीवारों को लेकर मापा जाता है, यानि इसमें कारपेट एरिया के साथ ही साथ पिलर, दीवारों और बालकनी की जगह शामिल होती है। 
वहीं सुपर एरिया उस एरिया को कहते हैं, जिसमें उस प्रोजेक्ट के अंदर कॉमन यूज की चीजें को शामिल किया जाता है। सुपर एरिया में जेनरेटर रूम, पार्क, जिम, स्वीमिंग पूल, लॉबी, टेनिस कोर्ट आदि का एरिया शामिल होता है। 
सभी बिल्डर्स फ्लैट को सुपर एरिया के आधार पर बेचते हैं। ऐसे में ग्राहक इनके बीच अंतर को अच्छे से जांच ले।

अगली स्लाइड में बात पजेशन टाइम की...

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