नई दिल्ली: कश्मीर में सेना और सुरक्षाबलों पर हो रही पत्थरबाजी से निपटने के लिए संतों-कार्यकर्ताओं का एक जत्था रवाना होने की तैयारी कर रहा है। कानपुर के एक हिंदूवादी संगठन जनसेना के बैनर तले ये जत्था कल यानी 7 मई को इस मकसद से कश्मीर रवाना होगा। इस संबंध में जनसेना संगठन के प्रमुख चेतन महापुरी ने कहा कि वह अपने साथ एक ट्रक पत्थर ले जाएंगे। महापुरी ने कहा कि उनके अनुयायी उन पत्थरबाजों पर पत्थर चलाएंगे जो देश की एकता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। (क्या आप बिना टिकट ट्रेन में कर कहे हैं यात्रा?...कोई बात नहीं, नहीं होगा जुर्माना)
महापुरी ने यह भी बताया कि कश्मीर में पत्थरबाजों के कारण भारत की एकता को नुकसान पहुंच रहा है। इन पत्थरबाजों को सबक सिखाने के लिए लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भारत की अखंडता को क्षति पहुंचाने वाले पत्थरबाजों को ये प्रशिक्षित लोग सबक सिखाएंगे। सात मई को कानपुर से 1000 से अधिक लोगों का समूह जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना होगा।
जनसेना के प्रमुख चेतन महापुरी ने अपनी इस मुहिम को युद्ध विजय यज्ञ नाम दिया है। उन्होंने कहा कि हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इजाजत मांगी थी कि कश्मीर में हमें पत्थरबाजों से दो-दो हाथ कर जवानों का हौसला बढ़ाने दिया जाए, लेकिन वह हमें नहीं मिली। जिला प्रशासन ने भी इसकी इजाजत नहीं दी है, लेकिन हम परिणामों की परवाह किए बगैर अपने रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। अगर हमें रोका गया, तो हम अपने-अपने स्तर पर वहां जाकर फिर से एकजुट हो जाएंगे।
इसके लिए साधु कुछ लोगों को पत्थरबाजी सिखा रहे हैं ताकि वह कश्मीर के पत्थरबाजों पर जवाबी हमला कर सकें। साधुओं की इस ट्रेनिंग का एक विडियो भी सामने आया है। विडियो में लोग पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतलों पर निशाना लगाकर पत्थर बरसा रहे हैं। जनसेना का कहना है कि पत्थरबाजी की ट्रेनिंग ले रहा यह समूह 7 मई को कश्मीर के लिए रवाना होगा और पत्थरबाजों पर जवाबी हमला करेगा।
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