पटना: बिहार इंटरमीडिएट में फेल हुए छात्रों में कई ऐसे छात्र हैं जिन्होंने आईआईटी और एनडीए की परीक्षा पास कर ली है और अब उन्हें इंटरव्टयू का इंतजार है लेकिन बारहवीं के रिजल्ट नें ऐसे छात्रों को बहुत बड़ा झटका दिया है। छात्र अब चैलेंज कर रहे हैं कि सरकार चाहे तो उनकी परीक्षा फिर से ले ले लेकिन उन्हें उनका रिजल्ट वक्त पर मिल जाए ताकि सालभर की मेहनत बेकार न हो और उन्हें आईआईटी में दाखिला मिल सके।
इंटरव्यू से पहले रिजल्ट का शॉक
बिहार की सड़कों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा। ये वो छात्र हैं जिन्होंने इंटरमीडिएट यानी 12 वीं की पढ़ाई के दौरान ही खुद को कंपटीशन के लिए तैयार किया। जी तोड़ मेहनत की और बारहवीं का रिजल्ट आने से पहले ही जेईई, आईआईटी, एनडीए और बीएचयू इंटरेंस की परीक्षा पास कर ली। पढाई में मेहनत करनेवाले इन छात्रों का रिजल्ट का इंतजार था लेकिन रिजल्ट आते ही इनके पैरों तले जमीन खिसक गई। देश में बेहद मुश्किल जानेवाले एग्जाम क्लियर कर चुके ये छात्र अब पटना की सड़कों पर सरकार से इंसाफ मांग रहे हैं।
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इन छात्रों की फरियाद सुनो सरकार
इंटरमीडिएट में रहते किसी कंपटीशन में चुने जाने का सपना तो पूरा हो चुका है लेकिन अब रिजल्ट के आधार पर इन्हें इंटरव्यू तक में जगह नहीं मिलेगी। बिहार में जबतक सरकार इन छात्रों की कॉपी दोबारा चेक करवाएगी दोबारा रिजल्ट आएगा तब तक इन छात्रों के हाथ से मौका निकल जाएगा। यही वजह है कि बिहार के तेज तर्रार छात्र हताश हैं और गर्मी में सड़क पर इस दफ्तर से उस दफ्तर के आगे चक्कर काट रहे हैं।
कंपीटीशन की परीक्षा निकालने वाले छात्रों का चैलेंज
छात्रों का आरोप है कि सरकार ने इंटरमीडिएट की कॉपी चेक करने के लिए मिडिल स्कूल और प्राइमरी स्कूल के टीचर्स की ड्यूटी लगाई गई। कई छात्रों ने सबूत देने का दावा किया है। छात्रों का ये आरोप एकबार फिर बिहार में बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है।
कंपीटीशन की परीक्षा निकालनेवाले ये छात्र चैलेंज दे रहे हैं कि दुनिया में कहीं भी बिठाकर उनकी परीक्षा दोबारा ले ली जाए लेकिन उनके भविष्य की खातिर उन्हें जल्द रिजल्ट दे दिया जाए। कई छात्र ऐसे हैं जिन्होंने एक से अधिक कंपटीशन को पास कर लिया है लेकिन इंटरमीडिएट में फेल हो गए हैं।
कई स्टूडेंट्स ने की आत्महत्या
आईआईटी और एनडीए की परीक्षा पास करनेवाले चंदन कुमार को तीन और चार नंबर दिए गए हैं जिससे जाहिर होता है कि रिजल्ट में कितने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। अब इन छात्रों का एक साल खराब होना तय लग रहा है। बिहार में कई छात्र ने रिजल्ट देखने के बाद खुदकुशी तक कर ली है लेकिन सरकार की तरफ से छात्रों के लिए किसी बड़े राहत का ऐलान नहीं किया गया है।
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