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Hindi News भारत राष्ट्रीय RTPCR में निगेटिव और सीटी स्कैन में पॉजिटिव, जानिए कैसे पूरा परिवार हो रहा है कोरोना के डबल म्यूटेंट से संक्रमित

RTPCR में निगेटिव और सीटी स्कैन में पॉजिटिव, जानिए कैसे पूरा परिवार हो रहा है कोरोना के डबल म्यूटेंट से संक्रमित

कोरोना का वायरस अपने पैर ही नहीं पसार रहा है, यह अपने रूप भी बदल रहा है। कोरोना का हर नया रूप पुराने से और घातक साबित हो रहा है।

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कोरोना का वायरस अपने पैर ही नहीं पसार रहा है, यह अपने रूप भी बदल रहा है। कोरोना का हर नया रूप पुराने से और घातक साबित हो रहा है। कोरोना के अब तक एक दो नही बल्कि 6 से ज्यादा वेरिएंट अब तक देश में आ चुके है। हाल में पता चला बंगाल ले ट्रिपल वेरिएंट नागपुर के डबल वेरिएंट से भी ज्यादा खतरनाक है। ये बंगाल का वेरिएंट महाराष्ट्र और दिल्ली में भी अपना पैर तेजी से पसार रहा है। अब तक विशेषज्ञों की जांच में ये पता चला है कि ये डबल और ट्रिपल वेरिएंट आरटीपीसीआर तक को चकमा दे रहा है और कई बार ह्यूमन एरर के भी कारण पोजिटिव लक्षण वाले मरीज जांच रिपोर्ट में नेगेटिव आ जाते है और वो कई और लोगो को परिवार और समाज में संक्रमित कर देते है।

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मुम्बई में कई ऐसे केसेस सामने आने लगे है जहां एंटीजेन टेस्ट और आरटीपीसीआर टेस्ट में लक्षण वाले मरीज का sweb रिपोर्ट भी नेगेटिव आ जा रहा है लेकिन उनमें खांसी, बुखार, बदनदर्द जैसे लक्षण खत्म नहीं होते। चूंकि रिपोर्ट नेगेटिव आई होती है इसलिए मरीज भी न मास्क लगते है न सोशल डिस्टनसिंग का पालन करते है ,और नतीजा वो पूरे घर परिवार को संक्रमण बांट देते हैं। 

एक्सपर्ट का कहना है कि ये 3-4 कारणों के कारण हो रहा है

  • कारण 1-टेस्ट लेने वाले लैब के टेक्नीशियन वर्क प्रेशर में ठीक से swab नही लेते,या गलत तरीके से ऊपर ऊपर से swab लेते है और पोसिटिव मरीज की रिपोर्ट भी नेगेटिव आ जाती है
  • कारण 2-कई बार मरीज में संक्रमण बन नही पता सेकंड म्यूटेंट का और बहुत शुरुआत में टेस्ट करने पर उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आती है
  • कारण 3--सेकंड और थर्ड म्युटेंट अपना स्वभाव बदलता है और असर भी यही कारण है कि आरटीपीसीआर तकनीकी रूप से इसको पकड़ नही पाता जबकि एक्सरे या चेस्ट सिटी स्कैन में निमोनिया दिखाई देता है

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चेस्ट इंफेक्शन एक्सपर्ट डॉक्टर ईश्वर गिलाडा के अनुसार अब तक जो स्ट्रेन आये है उसमें ये 4 स्ट्रेन भारत भर में कई राज्यों में तेजी से फैले है और इसमे डबल और ट्रिपल म्युटेंट फिलहाल कहर बरपा रहे है।

  • ब्रिटिश की लहर B117 
  • महाराष्ट्र की E484Q/L452R
  • नागपुर-डबल म्यूटेंट--B1617
  • बंगाल-ट्रिपल म्यूटेंट--B1618

डॉक्टर गिलाडा ने मरीज की रिपोर्ट दिखाते हुए बताया कि उनके पास 25 से ज्यादा ऐसे मरीज आये जिनकी एंटीजेन और आरटीपीसीआर रिपोर्ट शुरू में नेगेटिव आई लेकिन इनमें संक्रमण था-जो एक्सरे में सामने आया-इसमे 2 एचआईवी के मरीज भी थे।

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