नई दिल्ली: ईवीएम मशीनों के लिए अगले दो वर्षों में 16 लाख पेपर ट्रेल मशीनों की खरीद की चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है। इन मशीनों का इस्तेमाल वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर किया जाएगा।
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आयोग ने सार्वजनिक उपक्रमों ईसीआईएल और बीईएल को इस संबंध में शुक्रवार को आशय पत्र जारी किया। इससे दो दिन पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 3,173.47 करोड़ रूपये की अनुमानित लागत से 1615000 वोटर वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) इकाईयों की खरीद के आयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
चुनाव आयोग ने उन्हें सूचित किया कि मशीनों की खरीद वर्ष 2017-18 और 2018-19 में की जाएगी। आयोग दोनों विनिर्माताओं से सितंबर, 2018 तक प्रति विनिर्माता 8,07,500 पेपर ट्रेल मशीनें खरीदेगा। इस कदम के महत्व के बारे में मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने आज कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मतदाता का यह जानने का अधिकार कायम रहेगा कि उसने किस पार्टी को मत दिया है। इससे मतदाताओं का निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव प्रक्रिया में भरोसा बढ़ेगा।
चुनाव निगरानी संस्था ने एक वक्तव्य में कहा कि इन मशीनों का निर्माण दोनों सार्वजनिक उपक्रम करेंगे। इनका निर्माण आयोग द्वारा मंजूर डिजाइन के मुताबिक ही किया जाएगा जो ईवीएम को लेकर गठित विशेषज्ञों की समिति की सिफारिश पर आधारित है।
चुनाव आयोग ने कहा, आयोग आम चुनाव 2019 से पहले वीपीपीएटी की समय रहते आपूर्ति के लिए इनके निर्माण पर करीब से नजर रख रहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि ईसीआईएल और बीईएल को 16 लाख वीवीपीएटी का विनिर्माण में 30 माह का वक्त लगेगा।
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