नई दिल्ली: आतंकी संगठन आईएस के भारत में पहले हमले को उत्तर प्रदेश एटीएस (एंटी टेरिस्ट स्क्वायड) ने नाकाम करते हुये एक आतंकी को ढेर कर दिया। लखनऊ में यह मुठभेड़ लगभग 12 घंटे तक चली। एटीएस आतंकी को ज़िंदा पकड़ना चाह रही थी जो नाकाम रही। एटीएस को अंदेशा था कि मुठभेड़ में 2 आतंकी होंगे लेकिन एक ही निकला। मारे गए आतंकी का नाम सैफुल्लाह है।
इस एनकाउंटर के दौरान आतंकी ने 50 राउंड गोलियां फायर कीं। उसके पास से आठ पिस्टल और 650 राउंड गोलियां भी बरामद हुई हैं। घर में घुसने के लिए एटीएस को छत को ड्रिल करना पड़ा। आतंकी के पास से कई सिम कार्ड भी मिले हैं।
इस हमले को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे भी हो रहे हैं। आतंकियों ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के शाजापुर में ट्रेन में कम तीव्रता का जो ब्लास्ट किया गया, वह दरअसल उनका 'ट्रायल रन' था। आतंकी आगे किसी बड़े हमले की फिराक में थे। उधर मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने आतंकियों के IS कनेक्शन की पुष्टि करते हुए बताया है कि ट्रेन में पाइप बम रखने के बाद इन आतंकियों ने इसकी तस्वीर सीरिया भेजी थी।
आतंक निरोधी दस्ते के वरिष्ठ अधिकारी असीम अरुण ने बताया, 'हमने माइक्रो ट्यूब कैमरों की मदद से पूरे घर की जांच की थी। कैमरों से मिली तस्वीरें साफ न होने के कारण मकान में दो लोग होने का शक हुआ, लेकिन ऑपरेशन खत्म होने के बाद केवल एक ही लाश मिली है। मृतक की पहचान सैफुल्लाह के रूप में हुई है।'
ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने मकान की छत में छेद करके देखा तो उन्हें भी दो छवियां दिखाई दीं। इस ऑपरेशन में यूपी पुलिस के साथ 20 कमांडो भी शामिल थे। कमांडो कार्रवाई शाम साढ़े तीन बजे से शुरू हुई थी। शुरू में अधिकारियों की कोशिश थी कि इनको जिंदा ही पकड़ा जाए, ताकि ट्रेन धमाके में पूछताछ की जा सके।
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