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जयपुर का लड़का यूएस आर्मी में, सालाना पैकेज 1.20 करोड़

भारत के युवा देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपना परचम लहरा रहे हैं। इस बात का एक ताजा उदाहरण हैं पिंक सिटी जयपुर का। यहां के रहने वाले अंक युवक को यूएस आर्मी में बतौर वैज्ञानिक नौकरी मिली है।

Monark Sharma- India TV Hindi
Monark Sharma

नई दिल्ली: भारत के युवा देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अपना परचम लहरा रहे हैं। इस बात का एक ताजा उदाहरण हैं पिंक सिटी जयपुर का। यहां के रहने वाले अंक युवक को यूएस आर्मी में बतौर वैज्ञानिक नौकरी मिली है। वे यूएस आर्मी की एएच-64ई कॉम्बैट फाइटर हेलीकॉप्टर यूनिट के लिए वैज्ञानिक के रूप में चुने गये है, इसका हेडक्वाटर फोर्ट हूड, टेक्सास में है। ('मेरे आंसुओं को कमज़ोरी ना समझना', MLA की फटकार के बाद लेडी IPS का जवाब)

हम बात कर रहे हैं मोनार्क शर्मा की। इससे पहले मोनार्क वर्ष 2013 में नासा में बतौर जूनियर रिसर्च सांइटिस्ट काम किया और वर्ष 2016 में यूएस आर्मी में चुने गए। अब वे यूएस आर्मी के एच—64ई कॉम्बेट फाइटर हेलीकॉप्टर यूनिट का हिस्सा होंगे। मोनार्क इस यूनिट में बतौर वैज्ञानिक नियुक्‍त हुए हैं और उनका सालाना पैकेज 1.20 करोड़ रुपये होगा।

मोनार्क ने पिंक सिटी में सी—स्कीम स्थित भगवान महावीर जैन स्कूल से प्रारंभिक पढ़ार्इ की थी। जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्यूनिकेशन में बैचलर डिग्री जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से हासिल की। नासा के मून बग्गी और लूना बोट जैसे प्रोजेक्ट उनके भाग्य को बदलने वाले साबित हुए। मोनार्क के नेतृत्व में जहां मून बग्गी प्रोजेक्ट ने सर्वेश्रेष्ठ प्रदर्शन का अवॉर्ड जीता था। वहीं लूना बोट प्रोजेक्ट ने पांचवा स्थान हासिल किया था।

इसके बाद वर्ष 2013 में मोनार्क नासा की मास कम्यूनिकेशन विंग का हिस्सा बने। वर्ष 2016 मई में मोनार्क यूएस आर्मी में सम्मलित हुए। यहां कुछ माह में ही अपने बेहतरीन कार्य के चलते उन्हें दो प्रतिष्ठित अवॉर्ड से नवाजा गया। जिसमें एक है आर्मी सर्विस मेडल जबकि दूसरा अवॉर्ड है सेफ्टी एक्सीलैंस अवॉर्ड।

अब मोनार्क अपने नए रोल में इस वर्ष यूएस आर्मी में सम्‍मिलित होने वाले फाइटर प्लेन की डिजाइनिंग, मेन्यूफेक्चरिंग व इंसपेक्शन का कार्य करेंगे। शर्मा का यूएस की सिटीजनशिप यूएस आर्मी के माध्यम से मिली है। जबकि उन्हें नासा ने भी ग्रीन कार्ड व नौकरी की पेशकश की थी। मोनार्क का कहना है कि उन्हें भारतीय सेना के लिए कार्य करने का अवसर नहीं मिला लेकिन उनका यूएस आर्मी के साथ कार्य करना भारत को भी गौरवान्वित करेगा।

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