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...जब PM मोदी ने कहा, ‘देश बदल रहा है, हम छुट्टी के दिन भी काम कर रहे हैं’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान मामलों की सुनवाई करने के निर्णय के लिए न्यायपालिका की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों में जिम्मेदारी का भाव आयेगा। उच्चतम न्यायालय में समन्वित केस प्रबंधन सूचना प्रणाली पेश करते हुए प्रधानमं

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान मामलों की सुनवाई करने के निर्णय के लिए न्यायपालिका की सराहना करते हुए कहा कि इससे लोगों में जिम्मेदारी का भाव आयेगा। उच्चतम न्यायालय में समन्वित केस प्रबंधन सूचना प्रणाली पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से प्रौद्योगिकी अपनाने की अपील की ताकि बदलते समय में प्रासंगिक रह सके। उन्होंने कहा, ‘देश बदल रहा है, आज छुट्टी है लेकिन हम लोग काम कर रहे हैं। आज बुद्ध पुर्णिमा की छुट्टी है।’

भारत के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे एस खेहर ने उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों से आग्रह किया था कि वे गर्मी की छुट्टियों में कुछ दिन स्वेच्छा से काम करें ताकि मामलों का तेजी से निपटारा किया जा सके। ऐसी पहल उच्चतम न्यायालय में पहले ही शुरू करने का निर्णय किया गया है। भारत के प्रधान न्यायाधीश ने छह अप्रैल को 24 उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि लंबित मामलों को कम करने के उद्देश्य से वे गर्मी की छुट्टियों में कुछ दिन काम करें।

बहरहाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वकीलों से आग्रह किया कि वे विधि मंत्रालय की ओर से शुरू की गई योजना का हिस्सा बने जिसके तहत गरीबों का केस मुफ्त में लड़ने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि उनके आग्रह के बाद कई महिला एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ अब हर महीने की नौ तारीख को गरीब वर्ग की गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सेवाएं देती हैं। आईटी क्षेत्र के 42 हजार छात्र सरकार की ओर से उठाये गए 400 मुद्दों पर समाधान सुझा रहे हैं।

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इस अवसर पर भारत के प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वह सभी 24 उच्च न्यायालयों एवं निचली अदालतों के साथ प्रणाली को जोड़ने का प्रस्ताव करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे उपयोगकर्ताओं के लिए पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मामलों की प्रगति की जानकारी वास्तविक आधार पर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस प्रणाली के तहत केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों को यह जानकारी मिल सकेगी कि क्या उन्हें किसी मामले में पक्ष बनाया गया है और इसके अनुरूप वे अपनी तैयारी कर सकते हैं। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों का गर्मी की छुट्टियों में बैठने के निर्णय से गरीबों को न्याय प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि नये हार्डवेयर से जुड़ी प्रौद्योगिकी के प्रति लोगों की सोच अभी भी एक समस्या है। सरकारी कार्यालयों में फूलदान का स्थान कम्प्यूटर ने जरूर ले लिया है लेकिन ये अभी भी शो पीस के रूप में हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग आज आधुनिक मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन आज भी एसएमएस भेजने के बाद फोन करके यह पूछना नहीं भूले कि क्या दूसरे पक्ष को संदेश मिला या नहीं।

उन्होंने दावा किया कि पेपरलेस पहल के कारण लाखों लीटर पानी और हजारों की संख्या में पेड़ बचाये जा सकते हैं। यह इसलिए महत्वपूर्ण है कि एक ए4 साइज का पन्ना बनाने में 10 लीटर पानी लगता है। नोटबंदी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि हम डिजिटल लेनदेन की ओर बढ़े ताकि गरीबों के लिए मकान और नये स्कूल बनाने में पैसा बचाया जा सके।

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