नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे जहां वे सबसे बड़े बौद्ध महोत्सव में शामिल वैसाख दिवस पर मुख्य अतिथि हैं। अंतरराष्ट्रीय वैसाख दिवस महोत्सव कोलंबो में 12 से 14 मई के बीच आयोजित किया जा रहा है जिसमें 100 से अधिक देशों के 400 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। (ये भी पढ़ें: ये हैं भारत की महिला राजनेता जो अपने ग्लैमरस लुक के लिये भी हैं मशहूर)
प्रधानमंत्री की श्रीलंका यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (भारतीय सागरीय क्षेत्र) संजय पांडा ने कहा कि इस यात्रा की प्रकृति को देखते हुए कोई औपचारिक बैठक का कार्यक्रम नहीं रखा गया है और किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये जाने का भी कोई कार्यक्रम नहीं है । हालांकि मोदी श्रीलंकाई नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। उन्होने कहा, किसी औपचारिक वार्ता का कार्यक्रम नहीं है लेकिन वे नेताओं के साथ चर्चा करेंगे और संबंधों के समग्र स्वरूप में समीक्षा करेंगे।
श्रीलंका की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोलंबो के अलावा कैंडी जायेंगे जहां वे दलारा मलिदा पवित्र स्थान जायेंगे। यह क्षेत्र चाय के लिए प्रसिद्ध है। प्रधानमंत्री दिकोया में एक सुपर स्पेशियालिटी अस्पताल का उद्घाटन भी करेंगे जिसका निर्माण भारत के सहयोग से और 50 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। इस क्षेत्र में काफी संख्या में भारतीय मूल के तमिल रहते हैं।
पांडा ने कहा कि भारत और श्रीलंका के संबंधों में पिछले कुछ वर्षो में गुणात्मक बदलाव आया है और दोनों देश अपने संबंधों को मजबूत और व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं ।
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