श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर में अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को हिरासत में लिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि 'दुख्तारन-ए-मिल्लत' की प्रमुख को बुधवार शाम यहां शौरा आवास से एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया गया। प्रशासन ने हालांकि इससे इनकार किया कि अंद्राबी के खिलाफ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया, "यह पीएसए के तहत गिरफ्तारी नहीं है, बल्कि उन्हें एहतियातन हिरासत में लिया गया है।" (भारत के इस कदम ने उड़ाया अमेरिका, रूस और चीन के होश...)
दुख़्तरन-ए-मिल्लात की संस्थापक, अंद्राबी ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस की सदस्य भी हैं। उनकी संस्था इस्लामिक अलगाववादी संगठन है जो घाटी के निवासियों को समय-समय पर गाइडलाइन जारी करता रहता है। इनमें वे बातें शामिल होती हैं जिन्हें अंद्राबी और उसका ‘भाई’ जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख हाफिज सईद गैर-इस्लामिक मानता है। अंद्राबी का निकाह आशिक हुसैन फक्तू से हुआ है, जो कि हिजबुल मुजाहिदीन का नेता है और फिलहाल जेल में है।
पकड़े गए कई आतंकियों ने कबूला है कि नियंत्रण रेखा पार स्थित आतंकी कैंपों में उसकी (अंद्राबी) तकरीरों के वीडियो दिखाए जाते हैं। इससे पहले, 2015 में भी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अंद्राबी को उसके सौरा स्थित आवास से उसके खिलाफ दर्ज दो मुकदमों के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। इनमें से एक पाकिस्तानी झंडा लहराने तथा दूसरा फोन के जरिए पाकिस्तान में हाफिज सईद की रैली को संबोधित करने का मामला था।
गुरुवार (27 अप्रैल) की सुबह कुपवाड़ा के सेना कैंप पर आतंकियों ने हमला किया, जिसमें तीन जवान शहीद हो गए। मुठभेड़ में सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया है। शहीदों में सेना का एक अधिकारी भी शामिल है।
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