आतंकी हैदर अली के कबूलनामे के मुताबिक :
- रिहर्सल के लिए रांची के पास एक जगह चुनी गई थी ।
- विस्फोटकों से भरी जैकेट को एक पेड़ से बांधा गया ।
- फिर जैकेट को रिमोट से धमाका कर उडाया गया।
असली मकसद में कामयाब नहीं हो सके आतंकी
पटना की हुंकार रैली में सुरक्षा के इंतजाम इतने जबरदस्त थे कि नरेंद्र मोदी तक पहुंचना मुमकिन नहीं हुआ। सीरियल ब्लास्ट के बाद वहां भगदड़ नहीं मची जिससे आत्मघाती दस्ते को भीड़ में घुस कर नरेंद्र मोदी तक पहुंचने का मौका नहीं मिल पाया। नतीजा ये हुआ कि पटना में सीरियल ब्लास्ट तो हुए लेकिन आतंकवादी अपने।
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