हैदर अली को ऐसे हमले की तरकीब अल कायदा के ऑनलाइन मैनुअल इंस्पायर से पढ़कर मिली थी। जिसके तहत उसने जैकेट खरीदा और विस्फोटकों से लैस कर दिया फिर रांची से कुछ दूर सिथियो गांव के पास सुनसान जगह पहुंचा। यहां रेलवे ट्रैक से सटे खजूर के पेड़ पर रिमोट के ज़रिए टेस्ट ब्लास्ट किया इस टेस्ट ब्लास्ट के सबूत भी NIA को मिल चुके हैं, जिनमें स्प्लिंटर्स, जली हुई जैकेट का हिस्सा और कुछ प्लास्टिक भी बरामद हुई है।
हैदर अली के मुताबिक इसकी इंटेंसिटी जितनी होनी चाहिए थी उतनी नहीं थी लेकिन सुसाइड जैकेट का आइडिया आखिरी मिनट पर चेंज कर दिया गया क्योंकि हुंकार रैली में सिक्योरिटी इतनी जबरदस्त थी कि मोदी तक पहुंचना मुमकिन नहीं हो पाया इसीलिए आतंकी सिर्फ सीरियल ब्लास्ट ही कर सके।
NIA की चार्जशीट में ये भी पता चला है कि आतंकियों ने कुल 30 IED बनाए थे लेकिन रैली में सभी इस्तेमाल नहीं हो सके इसलिए इन्हें रांची में मोहम्मद इकराम नाम के शख्स की दुकान पर छिपा दिये गए।
NIA ने दुकान से तार से बंधे डेटोनेटर, नौ वोल्ट की बैटरी, और बारूद बरामद किया। एक और आरोपी इफ्तेकार आलम की निशानदेही पर रांची में बने बम भी बरामद किए गए। ये IED खेत में गड्ढा खोदकर छिपाये गये थे जिन्हें NIA ने खुले मैदान में डिफ्यूज कर दिया है।
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