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बिहार में कितने नेताओं के पास है AK-47? दीवार तोड़ी, AC उखाड़ा फिर भी नहीं मिले ‘असॉल्ट राइफल’

बिहार से उत्तर प्रदेश तक एनआईए की छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल एनआईए की छापेमारी उस खतरनाक AK-47 के लिए है जिसे लेकर आशंका है कि 'गैंग्स ऑफ मुंगेर' ने इसे बड़े-बड़े सफेदपोशों, गैंगस्टर और नकस्लियों को बेचा है।

बिहार में कितने नेताओं के पास है AK-47? दीवार तोड़ी, AC उखाड़ा फिर भी नहीं मिले ‘असॉल्ट राइफल’- India TV Hindi बिहार में कितने नेताओं के पास है AK-47? दीवार तोड़ी, AC उखाड़ा फिर भी नहीं मिले ‘असॉल्ट राइफल’

नई दिल्ली: बिहार से उत्तर प्रदेश तक एनआईए की छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है। दरअसल एनआईए की छापेमारी उस खतरनाक AK-47 के लिए है जिसे लेकर आशंका है कि 'गैंग्स ऑफ मुंगेर' ने इसे बड़े-बड़े सफेदपोशों, गैंगस्टर और नकस्लियों को बेचा है। ये AK-47 एक दो नहीं बल्कि पूरे 70 की संख्या में हैं जिसमें से 22 मिल गए लेकिन 48 अभी तक गायब हैं जिसकी तलाश में बिहार के बड़े-बड़े नेताओं के घर और दूसरे ठिकानों पर रेड हुई है।

AK-47 की खोज में एनआईए ने अभी तक बिहार और यूपी में 12 जगहों पर छापेमारी की है। इनमें पटना, बक्सर, रोहतास, भोजपुर और वाराणसी में छापेमारी हुई है। AK-47 की खोज में एनआईए ने घर की दीवार को तोड़ दिया क्योंकि शक था कि इसके अंदर AK 47 छिपाकर रखा गया है।

वहीं बिहार के एक बड़े नेता के रिश्तेदार के घर पर बहू के कमरे की चाभी नहीं थी तो उसकी खिड़की काटकर एनआईए की टीम कमरे के अंदर गई। घर में लगे एसी को दीवार से उखाड़कर भी देखा गया।

दरअसल दो साल पहले सेना के जबलपुर हथियार डिपो से सत्तर AK-47 रायफल चोरी होने की आशंका है। चोरी के इन AK 47 को स्मगलिंग के जरिए बिहार के मुंगेर लाया गया जहां से इसकी तस्करी लोकल लेवल पर हो रही थी जिसमें लोकल गैगस्टर, नक्सली और पूर्वोत्तर के उग्रवादियों को ये ख़तरनाक हथियार मुंहमांगी रकम लेकर दी गई। 

अभी तक ऐसे 22 अवैध AK-47 मिल चुके हैं। माना जा रहा है कि इस पूरे रैकेट में बिहार के कुछ बड़े सफेदपोश नेता, माफिया, क्रिमिनल और आर्म्स व्यापारी शामिल हैं। ये कौन हैं और बचे हुए 48 अवैध AK-47 कहां हैं इसकी तलाश की जा रही है।   

जबलपुर से चुराया गए करीब 70 AK-47 का भंडाफोड़ सितंबर 2018 में मुंगेर में तब हुआ जब वहां की लोकल पुलिस ने शक के आधार पर एक छापेमारी में 3 अवैध AK-47 बरामद किया। पुलिस को AK-47 मिलने के बाद जांच शुरू हुई तो पता चला कि ये तो आर्म्स डिपो जबलपुर से गायब हुआ वही AK-47 है। उसके बाद से न सिर्फ बिहार में बल्कि पूरे देश की सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। 

बाद में मुंगेर पुलिस ने शमशेर आलम और उसकी बहन रिजवाना आलम को गिरफ्तार किया जिससे पूछताछ के आधार पर मुंगेर में ही अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की गई जिसमें टुकड़ों में कई और AK-47 मिले। मतलब कुछ पार्ट्स कुएं के अंदर छिपाकर रखे गए थे तो कुछ पार्ट्स दूर खेतों में जमीन के अंदर मिले। कुछ घर की दीवारों के अंदर। 

मामला बड़ा होने और देशहित के ख़तरे को देखकर NIA की इस पूरे मामले में एंट्री हुई। NIA ने इस पूरे मामले में 5 अक्टूबर, 2018 को दोबारा FIR दर्ज कराई। उसके बाद से बिहार-यूपी में बचे हुए AK-47 की खोज जारी है। कल से जो छापेमारी हो रही है वो उसी सिलसिले में हो रही है।

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