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Hindi News भारत राष्ट्रीय कैदी नंबर 7691 हैं चंद्रबाबू नायडू, स्पेशल कमरे में रखा गया, मिल रहा घर का खाना

कैदी नंबर 7691 हैं चंद्रबाबू नायडू, स्पेशल कमरे में रखा गया, मिल रहा घर का खाना

चंद्रबाबू नायडू को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। हालांकि, एनएसजी कमांडो को जेल के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। टीडीपी नेता के वकीलों ने जेड प्लस सुरक्षा के मद्देनजर नजरबंदी की अनुमति देने के लिए विजयवाड़ा एसीबी अदालत में एक याचिका दायर की है

chandrababu naidu- India TV Hindi Image Source : PTI चंद्रबाबू नायडू

राजमुंदरी: आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू राजमुंदरी सेंट्रल जेल में रिमांड कैदी नंबर 7691 हैं। विजयवाड़ा की एक अदालत द्वारा कथित कौशल विकास घोटाले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सुप्रीमो को सोमवार तड़के जेल लाया गया। 73 वर्षीय नायडू को केंद्रीय जेल के 'स्नेहा' ब्लॉक में एक स्पेशल कमरे में रखा गया है। अदालत के निर्देश पर, जेल अधिकारी उन्हें खतरे की आशंका के मद्देनजर एक स्पेशल कमरा, घर का बना भोजन, दवाएं और पर्याप्त सुरक्षा सहित विशेष सुविधाएं प्रदान कर रहे है।

NSG कमांडो को जेल के अंदर जाने की इजाजत नहीं
नायडू को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है। हालांकि, एनएसजी कमांडो को जेल के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। टीडीपी नेता के वकीलों ने जेड प्लस सुरक्षा के मद्देनजर नजरबंदी की अनुमति देने के लिए विजयवाड़ा एसीबी अदालत में एक याचिका दायर की है। नायडू की पुलिस हिरासत के लिए अपराध जांच विभाग (CID) की याचिका के साथ इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।

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TDP ने आंध्र प्रदेश में किया बंद का ऐलान
इस बीच तेलगु देशम पार्टी ने गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के खिलाफ पूरे राज्य में बंद का आह्वान किया है। विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट के जज हिमाबिंदु ने इस मामले की सुनवाई करते हुए चंद्रबाबू नायडू को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पूर्व सीएम को राजमुंदरी केंद्रीय जेल ले जाने का सुझाव दिया गया है। बता दें कि चंद्रबाबू नायडू को कौशल विकास निगम घोटाला मामले में CID ने शनिवार को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के मुताबिक यह मामला आंध्र प्रदेश में उत्कृष्ट केंद्रो के समूहों की स्थापना से संबंधित है। इसकी परियोजना का अनुमानित मूल्य 3300 करोड़ रुपये है। एजेंसी के अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि कथित धोखाधड़ी से राज्य सरकार को 300 करोड़ से अधिक रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा है।

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