दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। क्षेत्र की वायु गुणवत्ता काफी खराब हो गई है। इस हालात का बड़ा कारण पराली जलाने को बताया जा रहा है। शुक्रवार को दिल्ली में समग्र एक्यूआई 311 दर्ज किया गया जो कि बेहद खराब श्रेणी में है। अब इस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है कि देश की सर्वोच्च अदालत यानी कि सुप्रीम कोर्ट प्रदूषण के मुद्दे पर आगामी 12 नवंबर को सुनवाई करेगी। आइए जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में इस बारे में क्या कुछ कहा गया।
शहर की हवा लगातार खराब हो रही- वकील
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले को 12 नवंबर को सुनेंगे। वकील ने मेंशन किया कि "एनसीआर में वायु गुणवत्ता बिगड़ रही है, जैसा कि अदालत को भी पता होगा। 3 नवंबर को अदालत ने आयोग और सीपीसीबी को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसे सूचीबद्ध करने की कोई तारीख तय नहीं है, मायलॉर्ड्स इसे सोमवार को सूचीबद्ध कर सकते हैं, यह अत्यावश्यक है, हमें वास्तव में नहीं पता कि क्या हो रहा है और शहर की हवा लगातार खराब हो रही है।"
दिल्ली में बुरे हैं हालात
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता में दो दिनों तक सुधार देखने को मिला था। हालांकि, मामूली सुधार के बाद गुरुवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता फिर से खराब हो गई और ये 'बहुत खराब' कैटेगरी में पहुंच गई। माना जा रहा है कि निकट भविष्य में इससे राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, गुरुवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 311 दर्ज किया गया है।
आपको बता दें कि AQI को 0 से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है।
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