New Seismic Map Of India: भारत के भूकंप का नया मैप जारी, हाई रिस्क में कहीं आपका शहर भी तो नहीं, चेक करें पूरी लिस्ट
India New Seismic Map: हिमालय की शांत दिखने वाली माउंटेन रेंज के अंदर दबी विस्फोटक शक्ति अब नए कोड ने उजागर कर दी। इसमें पूरा हिमालय सबसे खतरनाक क्षेत्र यानी Zone VI में पहुंच गया। देखें इसमें कहीं आपका जिला भी तो नहीं है।

नई दिल्ली: कल्पना कीजिए कि हजारों किलोमीटर लंबी शांत दिखने वाली माउंटेन रेंज, लेकिन उसके भीतर वर्षों से जमा टेंशन, जमीन की सतह के नीचे ये फॉल्ट लाइन किसी चमकदार तलवारों के जैसे जकड़ी है, जो वक्त-वक्त पर अपनी ताकत दिखाती है। वहीं, इस पर्वत श्रृंखला के नीचे बसी सिटी- श्रीनगर, ऋषिकेश, देहरादून, धर्मशाला और गंगटोक, वर्षों से Earthquake के खतरे के साए में जी रहे हैं। लेकिन अब ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स यानी BIS ने वह सच्चाई सामने रख दी जिसका वैज्ञानिक वर्षों से एहसास कर रहे थे। खुलासा हुआ है कि अब पूरा हिमालय खतरनाक जोन में है। यह महज एक नई गाइडलाइन नहीं बल्कि यह भारत के फ्यूचर की सुरक्षा का नया खाका है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स ने भूकंप डिजाइन कोड का नया Edition रिलीज किया है- IS 1893 (Part 1): 2025 और इसके साथ ही देश का Seismic Map पहली बार इतने बड़े स्केल पर बदल गया है।
हाई रिस्क बताने के लिए लाना पड़ा नया Zone VI
BIS के नए एडिशन में नया कोड एक नया Zone VI लाया है जो सबसे गंभीर है। अब जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश सभी जगहों को इस सबसे ज्यादा खतरे वाली कैटेगरी में रखा गया है। जोन VI में पूरा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के शिमला, धर्मशाला, कुल्लू-मनाली, कांगड़ा, उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, मसूरी, अल्मोडा, पिथोरागढ़, उत्तरी उत्तर प्रदेश की तलहटी वाले शहर सहारनपुर, हरिद्वार-ऋषिकेश बेल्ट, सिक्किम और उत्तरी बंगाल के दार्जिलिंग, गंगटोक, पूरा अरुणाचल प्रदेश और उत्तरी बिहार के हिस्से शामिल हैं।
| Zone VI में प्रदेश | शहरों के नाम |
| जम्मू-कश्मीर | पूरा केंद्रशासित प्रदेश |
| हिमाचल प्रदेश | शिमला, धर्मशाला, कुल्लू-मनाली, कांगड़ा |
| उत्तराखंड | देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, मसूरी, अल्मोडा, पिथोरागढ़ |
| उत्तर प्रदेश | सहारनपुर |
| सिक्किम | गंगटोक |
| पश्चिम बंगाल | दार्जिलिंग |
| अरुणाचल प्रदेश | पूरा प्रदेश |
| बिहार | राज्य के हिमालयी माउंटेन रेंज से लगे उत्तरी हिस्से |
पुराना मैप बदला- अब विज्ञान बोलेगा, इतिहास नहीं
पहले इंडिया 4 भूकंप जोन में बंटा हुआ था। यह विभाजन ऐतिहासिक एपिसेंटर और पुराने रिकॉर्ड्स पर बेस्ड था। लेकिन जमीन की कहानी इतिहास नहीं, Geology बताती है। नए कोड में Physics बेस्ड मॉडलिंग का उपयोग किया गया है। इसमें यह देखा गया कि फॉल्ट लाइन्स कैसे टेंशन जमा कर रही हैं, उनके अंदर कितनी एनर्जी अटकी है, और संभावित झटके कितने ताकतवर हो सकते हैं। नए एडिशन में पता चला कि भारत का 61 फीसदी हिस्सा आज मीडियम से हाई रिस्क में है।
देश को मिला नया सख्त सेफ्टी कोड
ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स की तरफ से जारी नया कोड सिर्फ खतरा बताकर नहीं रुकता, यह उससे लड़ने की स्ट्रैटेजी भी बताता है।
नई भूकंपीय जोनिंग (New Seismic Zones): पुराने 4 जोन वाले सिस्टम के बजाय अब 5 जोन वाला नया सीस्मिक मैप रिलीज किया गया है, जिसमें सबसे गंभीर जोन VI है।
Himalayan Arc अब जोन VI में: पूरा का पूरा हिमालयी आर्क अब जोन VI में है जो सबसे ज्यादा रिस्क वाला है। इससे पहले हिमालयी आर्क जोन IV और जोन V में बंटा था।
विज्ञान-आधारित पद्धति का इस्तेमाल: BIS के नए एडिशन को बनाते वक्त ऐतिहासिक एपिसेंटर पर डिपेंड रहने की जगह अब फॉल्ट लाइनों की Physics-Based Modeling की गई है, जिससे डेंजर का ज्यादा सटीक अनुमान लग पाएगा।
हाई रिस्क को लेकर बढ़ी सतर्कता: भारत का 61% हिस्सा अब मीडियम से उच्च खतरे वाले क्षेत्रों में क्लासीफाइड है, जो बढ़ती संवेदनशीलता को दिखाता है।
ये भी पढ़ें-
दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद को बड़ी राहत, बहन की शादी के लिए 14 दिनों की मिली अंतरिम जमानत
यूपी, एमपी, गुजरात समेत 6 राज्यों और UT में बढ़ गई SIR की तारीख, यहां जानें नई डेट