नेपाल में हाल ही में हुए Gen Z युवाओं के विरोध प्रदर्शन और हिंसा के बाद अब हालात सामान्य होने लगे हैं। सुशीला कार्की ने नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है और उनकी अंतरिम सरकार में कई मंत्रियों ने भी पद संभाल लिया है। हालांकि, अब भी बड़ा सवाल ये है कि हिंसक प्रदर्शनों के दौरान नेपाल में संसद भवन, सरकारी आवास और विभिन्न ढांचों को जो नुकसान पहुंचा है उसका पुनर्निर्माण कैसे होगा। इस बड़े सवाल के बीच अब भारत सरकार ने नेपाल के लिए बड़ा दिल दिखाया है और मदद से हाथ आगे बढ़ाए हैं।
भारत ने क्या कहा?
रविवार को भारत ने ये आश्वासन दिया कि अगर नेपाल अनुरोध करेगा तो वह नेपाल में ढांचों के पुनर्निर्माण में मदद करेगा जो कि इस महीने युवाओं के सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान क्षतिग्रस्त हो गए थे। ये आश्वासन नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने नेपाल के ऊर्जा मंत्री कुलमन घीसिंग के साथ हुई बैठक में दिया है।
भारत के राजदूत और नेपाली मंत्री की बैठक
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारतीय राजदूत श्रीवास्तव ने घीसिंग से कहा कि "अगर नेपाल अनुरोध करता है, तो भारत ‘Gen Z’ समूह के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान क्षतिग्रस्त हुई विभिन्न संरचनाओं के पुनर्निर्माण में मदद देने के लिए तैयार है।” जानकारी के मुताबिक, बैठक के दौरान ऊर्जा एवं जल संसाधनों पर द्विपक्षीय सहयोग और विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया।
नेपाल से चीन के लिए सीधी उड़ान का ऐलान
नेपाल चीन के साथ भी संबंधों को गहरा करने में जुटा हुआ है। अब नेपाल ने चीन के ग्वांगझू के लिए सीधी उड़ान शुरू करने का ऐलान किया है। इसके पहली उड़ान बृहस्पतिवार और दूसरी 28 सितंबर को निर्धारित की गई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों में नजदीकियां बढ़ाने और व्यापार व पर्यटन को भी बढ़ावा देने के मकसद से ये कदम उठाया गया है। काठमांडू से ग्वांगझू तक के फ्लाइट का एकतरफा किराया 30,000 नेपाली रुपये और वापसी का किराया 50,000 नेपाली रुपये तय किया गया है। (इनपुट: भाषा)
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