A
Hindi News भारत राष्ट्रीय वक्फ बिल पर जेपीसी की बैठक में मचा हंगामा, एक दिन के लिए निलंबित किए गए ये सांसद

वक्फ बिल पर जेपीसी की बैठक में मचा हंगामा, एक दिन के लिए निलंबित किए गए ये सांसद

वक्फ बिल पर आज जेपीसी की बैठक में हंगामा देखने को मिला। दरअसल दोनों गुटों के सांसदों के बीच बहस तेज हो गई। इस कारण 10 सांसदों को एक दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

JPC meeting on the Waqf Bill these MPs were suspended for a day after ruckus - India TV Hindi Image Source : INDIA TV वक्फ बिल पर जेपीसी की बैठक में मचा हंगामा

वक्फ बिल पर आज जेपीसी यानी ज्वाइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की बैठक में खूब हंगामा देखने को मिला है। दरअसल जेपीसी की बैठक में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद एक दिन के लिए विपक्ष के कई सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन सांसदों ने टीएमसी के कल्याण बनर्जी, टीएमसी के नदीम उल हक, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, समाजवादी पार्टी के मोबीबुल्लाह, कांग्रेस के नासिर हुसैन, कांग्रेस के इमरान मसूद, मोहम्मद जावेद, शिवसेना यूबीटी के अरविंद सावंत, डीएमके के ए राजा और अब्दुल्ला को शामिल हैं। बता दें कि इन सांसदों को समिति से नहीं बल्कि केवल आज की बैठक से निलंबित किया गया है। 

बुलाने पड़ गए मार्शल

बता दें कि जेपीसी की बैठक में इस कदर दोनों पक्षों में हंगामा बढ़ गया कि मार्शल को बुलाना पड़ा। इस दौरान सांसदों द्वारा खूब नारेबाजी की गई। विपक्ष ने 27 जनवरी को क्लॉज बाई क्लॉज पर चर्चा करने से ऐतराज जताया है। इसके खिलाफ विपक्ष ने जोर से हंगामा किया है। बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक पर गठित संसदीय समिति 24 और 25 जनवरी को प्रस्तावित कानून पर खंड-दर-खंड विचार करने वाली है। यह रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया है। समिति की रिपोर्ट संसद के बजट सत्र के दौरान पेश किए जाने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली संसद की संयुक्त समिति ने देश भर के हितधारकों के साथ अपनी परामर्श प्रक्रिया पूरी कर ली है और अब रिपोर्ट को अंतिम रूप देने से पहले समिति के सदस्यों की राय लेने की दिशा की तरफ बढ़ रही है। 

अंतिम चरण में पहुंचा वक्फ संशोधन विधेयक

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने समिति को आगामी बजट सत्र के आखिरी दिन तक कार्यकाल विस्तार दिया था। बजट सत्र 31 जनवरी से चार अप्रैल तक चलेगा। हालांकि बीच में कुछ दिनों का अवकाश होगा। सदस्य अब मसौदा कानून में अपने संशोधनों का प्रस्ताव कर सकते हैं और उन पर मतदान किया जाएगा। विपक्षी सांसद, जो विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं, संशोधन का प्रस्ताव दे सकते हैं। हालाँकि, इन्हें स्वीकार किए जाने की संभावना नहीं है क्योंकि समिति में भाजपा और उसके सहयोगी दल बहुमत में हैं। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि खंड-दर-खंड विचार के आधार पर मसौदा रिपोर्ट तैयार की जाएगी और विधायी विभाग के साथ साझा की जाएगी। 

(इनपुट-एजेंसी के साथ)

 

Latest India News