केरल की कंपनी में कर्मचारियों के साथ क्रूरता की बात निकली झूठी, जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात
केरल में एक कंपनी पर अपने कर्मचारियों के साथ जानवरों से भी बुरा बर्ताव करने का आरोप लगा है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालांकि ये वीडियो काफी सेंसटिव है, इसलिए हम आपको नहीं दिखा रहे हैं।
केरल की एक कंपनी में कर्मचारियों को दर्दनाक सजा देने का मामला सामने आया है। एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कर्मचारियों के साथ क्रूरता किए जाने का दावा किया जा रहा है। वहीं इस उत्पीड़न का वीडियो वायरल होने के बाद, केरल के श्रम मंत्री वी शिवनकुट्टी ने पूरी घटना की जांच रिपोर्ट मांगी। वीडियो काफी सेंसटिव है, इसलिए उसे नहीं दिखाया जा सकता है। हालांकि जिला श्रम अधिकारी ने जब मामले की जांच की तो मामला कुछ और ही निकल कर सामने आया। बताया जा रहा है कि कंपनी के मैनेजर का कर्मचारियों के प्रति रवैया ठीक नहीं था, इसलिए कर्मचारियों ने खुद इस वीडियो को बनाया और शोसल मीडिया पर वायरल कर दिया। जांच में कर्मचारियों को प्रताड़ित करने की बात गलत निकली।
क्रूर व्यवहार करने का आरोप
दरअसल, केरल की जिस कंपनी पर अपने कर्मचारियों को क्रूर सजा देने का आरोप लगा है वह बीस वर्षों से कलूर में काम कर रही है। आरोप है कि कंपनी के मालिक ने टारगेट पूरा नहीं करने वाले कर्मचारियों पर अमानवीय और क्रूर अत्याचार किया। कर्मचारियों को ऐसी यातना दी गई है, जिसे देखकर आप भी सहम जाएंगे। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें कर्मचारियों को कुत्ते की तरह उनके गले में बेल्ट बांधकर घूमाया गया, जानवरों की तरह ही पानी पीने को कहा गया और कुत्ते की ही तरह जमीन पर पड़े सड़े हुए फल चाटने को कहा गया।
सजा देखकर रूह कांप जाएगी
जानकारी के मुताबिक क्रूरता का आरोप कंपनी में मार्केटिंग के कर्मचारियों द्वारा लगाया गया है, जो उत्पाद बेचने के लिए घरों में आते हैं। इसमें बताया गया है कि टारगेट पूरा नहीं करने वाले कर्मचारियों को पैंट उतारकर एक-दूसरे के गुप्तांग पकड़ने, कमरे में कुत्ते की तरह पेशाब करने, किसी का चबाया हुआ फल उठाकर थूकने और फर्श पर पड़े सिक्कों को चाटने जैसे अत्याचार किए जाते हैं। टारगेट पूरा नहीं करने वाले कर्मचारियों से अगले दिन टारगेट पूरा करवाने के लिए यह तरीका अपनाया जाता है।
सामने आई जांच रिपोर्ट
इस मामले की जांच के बाद जिला श्रम अधिकारी ने श्रम मंत्री को रिपोर्ट भेज दी है। रिपोर्ट में कंपनी में कर्मचारियों के साथ टॉर्चर किए जाने की बात को गलत बताया गया है। वीडियो में दिख रहे कर्मचारियों और यहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों के बयान के आधार पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों ने लिखित बयान में कहा कि मनाफ नाम के एक मैनेजर के कहने पर उन लोगों ने ये वीडियो बनाया। ये वीडियो तब बनाया जब GM छुट्टी पर थे। मैनेजर मनाफ का रवैया कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं था। जब शिकायत ज्यादा हो गई तो GM ने मनाफ को नौकरी से निकाल दिया और इस बात का बदला लेने के लिए उसने ये वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, ताकि GM और कम्पनी की बदनामी हो। इन कर्मचारियों ने मनाफ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करने की भी बात कही है।
