Rajat Sharma's Blog |अमेरिका से टैरिफ डील : सारी बातें बाहर आने की प्रतीक्षा करें
अमेरिकी ट्रेड डील का मतलब क्या है ? जो लोग कहते थे कि अमेरिका भारत का दुश्मन हो गया, ट्रंप मोदी को पसंद नहीं करते, उन्हें जवाब मिल गया। 50% टैरिफ को कोई अपने दुश्मन के लिए घटा कर 18% नहीं करता।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तमाम प्रावधानों को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है और सबकी नज़रें दोनों देशों की तरफ से जारी होने जा रही साझा विज्ञप्ति पर टिकी है । बुधवार को संसद में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कह दिया कि डेयरी और कृषि उत्पाद जैसे संवेदनशील विषयों को समझौते से बाहर रखा जाएगा और इस क्षेत्र को पूरी सुरक्षा मिलेगी। साथ ही पीयूष गोयल ने कहा कि तेल के मामले में भारतीयों के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभी इस डील के ब्यौरे सामने आने बाकी हैं, लेकिन पीयूष गोयल ने साफ कहा कि निर्यात के मामले में दूसरे देशों की बनिस्बत भारत पर कम टैरिफ लगाया गया है।
इस डील की सबसे बड़ी बात तो ये है कि अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं के निर्यात पर जो 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, वो घट कर अब 18 प्रतिशत होगा।ट्रंप वो 25 प्रतिशत टैरिफ भी हटा लेंगे, जो उन्होंने रूस से तेल ख़रीदने की वजह से भारत पर लगाया था।
अमेरिकी विशेषज्ञ कह रहे हैं कि भारत ने अमेरिका से बहुत बेहतर डील की है। ये दोनों देशों के आपसी संबंधों के लिहाज से और बाक़ी दुनिया के लिए भी, बहुत अच्छी खबर है। अमेरिकी स्ट्रैटेजिक एक्सपर्ट माइकल कुगलमन ने कहा कि डील के डिटेल सामने आने में थोड़ा वक्त लगेगा लेकिन उनको नहीं लगता, भारत, रूस से पूरी तरह से तेल ख़रीदना बंद करेगा।
पिछले साल अगस्त में ट्रंप के टैरिफ लगाने के बाद से भारतीय वस्तुओं के निर्यात पर, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर, IT, चमड़ा और कपड़ा उद्योग को काफ़ी झटका लगा था। इसलिए ट्रंप ने जब टैरिफ कम करने का एलान किया तो इसका शेयर मार्केट पर बहुत ज़बरदस्त असर दिखा। सेंसेक्स और निफ्टी में ज़बरदस्त उछाल आया। डॉलर के मुक़ाबले रुपया भी मज़बूत हुआ। बुधवार को एक डॉलर की क़ीमत 90 रुपए 28 पैसे रही, यानी रुपया, डॉलर के मुक़ाबले 1.3 परसेंट मज़बूत हुआ।
अमेरिका के सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक ऐंड इंटरनेशनल स्टडीज़ के फेलो रिचर्ड रॉसो ने ट्रंप के साथ डील के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ की। रॉसो ने कहा कि पहले अमेरिका जब भी दबाव बनाता था तो भारत झुक जाता था, अमेरिका की बात मान लेता था लेकिन इस बार ट्रंप बोलते रहे और मोदी ख़ामोशी से भारत के हितों पर अड़े रहे, उसका फ़ायदा हुआ, ट्रंप ने ख़ुद कॉल किया, ख़ुद टैरिफ वापस लेने का एलान किया, ऐसा पहली बार हुआ है, इससे दुनिया को मोदी और भारत की ताकत दिखी।
अमेरिकी ट्रेड डील का मतलब क्या है ? जो लोग कहते थे कि अमेरिका भारत का दुश्मन हो गया, ट्रंप मोदी को पसंद नहीं करते, उन्हें जवाब मिल गया। 50% टैरिफ को कोई अपने दुश्मन के लिए घटा कर 18% नहीं करता।
दूसरी बात, पूरी दुनिया ने देखा कि मोदी झुके नहीं, डरे नहीं, डील के लिए फोन भी ट्रंप ने किया था, मोदी ने नहीं। भारत इस बात पर अड़ा रहा कि कृषि उत्पादों को लेकर कोई समझौता नहीं होगा और कोई समझौता नहीं हुआ। जहां तक तेल का सवाल है भारत आज भी वहां से तेल खरीद सकता है जहां उसे अच्छी कीमत मिलेगी। भारत अमेरिका से आयात बढ़ाएगा, लेकिन धीरे धीरे। कुल मिलाकर ये डील भारत को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में मददगार साबित होगी और दुनिया में भारत का सिर और ऊंचा होगा। (रजत शर्मा)
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