Rajat Sharma's Blog | मोदी का दक्षिण अभियान : क्या TN, केरल में DMK, Left के किले ढहेंगे?
मोदी ने तमिलनाडु और केरल में सनातन की बात की, दोनों जगह भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। दोनों राज्यों में सरकार बनाने का दावा किया, लेकिन सवाल ये है कि केरल और तमिलनाडु में बीजेपी का बेस बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है। इसके बाद भी मोदी के आत्मविश्वास का राज़ क्या है?

तमिलनाडु और केरल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने NDA के चुनाव प्रचार की शुरूआत कर दी। मोदी ने कहा कि केरल को तो ईश्वर का घर (God’s Own Country) कहा जाता है, लेकिन लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस ने केरल को लूट, भ्रष्टाचार, जनता के पैसे की चोरी का अड्डा बना दिया।
मोदी ने कहा, इन लोगों ने मंदिर को तो छोड़िए, भगवान को भी नहीं छोड़ा, भगवान की मूर्तियों का सोना तक चुरा लिया, इसलिए अब केरल से LDF और UDF की विदाई जरूरी है, भगवान की मूर्तियों से सोना चुराने वालों को जेल भेजने का वक्त आ गया है।
मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में भी यही हाल है, खुद को तमिल संस्कृति का रक्षक बताने वाली DMK वोट बैंक को खुश करने के चक्कर में भगवान मुरूगन के मंदिर में दीप प्रज्ज्वलन का विरोध करती है, न्यायपालिका को कटघरे में खड़ा करती है, तमिल संस्कृति के विरोधियों को भी अब सत्ता में रहने का हक नहीं है।
मोदी ने तमिलनाडु और केरल में सनातन की बात की, दोनों जगह भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। दोनों राज्यों में सरकार बनाने का दावा किया, लेकिन सवाल ये है कि केरल और तमिलनाडु में बीजेपी का बेस बहुत ज्यादा मजबूत नहीं है। बीजेपी दोनों राज्यों में तीसरे चौथे नंबर की पार्टी भी नहीं है। इसके बाद भी मोदी के आत्मविश्वास का राज़ क्या है? दोनों राज्यों में बीजेपी की रणनीति क्या है?
मोदी की रैलियों में मंच पर जो नेता दिखे, उससे भविष्य की राजनीति के कुछ कुछ संकेत मिले हैं।
चेन्नई से करीब सौ किलोमीटर दूर चेंगलपेट में मोदी की रैली हुई। इस रैली में जुटी भीड़ को देखकर दक्षिण की सियासत के बड़े-बड़े जानकार भी हैरान है। दावा किया गया कि मोदी की रैली में पांच लाख से ज्यादा लोग पहुंचे। लोगों की संख्या और पब्लिक का जोश देखकर मोदी भी हैरान थे। उन्होंने मंच पर पहुंचते ही इतने भारी समर्थन के लिए सिर झुका कर लोगों का शुक्रिया अदा किया।
मोदी के साथ मंच पर AIADMK समेत उन सभी दस पार्टियों के नेता मौजूद थे, जो NDA का हिस्सा हैं। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल पिछले तीन दिन से चेन्नई में थे और इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु में NDA के कुनबे को बढ़ाने की जो कोशिश की, उसका असर आज मोदी की रैली में दिखा।
कुछ ही दिन पहले फिर से NDA में शामिल हुए AIADMK के पूर्व सीएम पलानीस्वामी, AMMK पार्टी के TTV दिनकरन, PMK के अंबुमणि रामदास, तमिल मानिला कांग्रेस के GK वासन भी मोदी के साथ मंच पर थे। चेंगलपेट में मोदी के साथ मंच पर NDA के जो नेता दिखे, वो बीजेपी की चुनावी रणनीति का इशारा है।
बीजेपी ने छोटी बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों से गठजोड़ करके ऐसा मोर्चा बनाया जिससे पूरे तमिलनाडु में NDA का प्रभाव दिखेगा।
पलानीसामी की AIADMK इस गठबंधन की मुख्य ताकत है, जिसकी पश्चिमी तमिलनाडु में अच्छी पकड़ है। अंबुमणि रामदास की PMK का असर उत्तरी तमिलनाडु में है। TTV दिनकरन की AMMK दक्षिण तमिलनाडु में काफी मजबूत है। मध्य तमिलनाडु में GK Vasan की तमिल मानिला कांग्रेस और अन्य छोटी पार्टियां NDA के साथ है।
इस तरह अलग-अलग समुदायों और क्षेत्रों में प्रभाव रखने वाली पार्टियों को साथ लाकर मोदी ने एक ऐसा सामाजिक गणित (social arithmetic) तैयार करने की कोशिश की है, जो DMK के लिए बड़ी चुनौती पेश करेगा।
वैसे भी तमिलनाडु में DMK या AIADMK कभी अकेले अपने दम पर नहीं जीते, गठजोड़ अलायन्स बनाकर ही जीत हासिल की है। मोदी अब इसी फॉर्मूले से DMK को चुनौती दे रहे हैं।
तमिलनाडु में प्रचार शुरू करने के लिए नरेंद्र मोदी ने बसंत पंचमी का शुभ दिन चुना। DMK को उसके सनातन विरोध पर घेरा, मदुरै के दीपम का सवाल उठाया, तमिलनाडु में रहने वाले हिंदुओं की आस्था और भक्ति का जिक्र किया।
मोदी ने तमिलनाडु में बीजेपी के प्रचार का tone भी सैट कर दिया। सनातन का बेवजह अपमान ऐसा मुद्दा है, जो DMK की कमज़ोर नस है और चुनाव में उसे नुकसान पहुंचा सकता है।
केरल के तिरुवनंतपुरम में मोदी के दो प्रोग्राम हुए। पहला सरकारी और दूसरा राजनीतिक। सरकारी कार्यक्रम में मोदी के साथ मंच पर मुख्यमंत्री पिनरई विजयन भी थे। मोदी ने तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस और एक नई पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, स्वनिधि क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया। पिनरई विजयन ने मोदी की तारीफ की, कहा कि केन्द्र सरकार केरल की जिस तरह मदद कर रही है, वो अभूतपूर्व है। इसके बाद मोदी रोड शो करते हुए NDA की रैली में पहुंचे।
चूंकि तिरुवनंतपुरम में पहली बार बीजेपी का मेयर बना है, केरल के किसी नगर निगम में ये बीजेपी की पहली जीत है, इसलिए बड़ी संख्या में लोग मोदी को देखने सुनने पहुंचे।
मोदी ने कहा कि एक नगर निगम में जीत किसी को छोटी लग सकती है लेकिन ये शुरूआत है, 1987 में इसी तरह पहली बार बीजेपी को अहमदाबाद नगर निगम में जीत मिली थी, इसके बाद बीजेपी ने गुजरात में सरकार बनाई, एक बार लोगों ने बीजेपी का काम देखा, तो उसके बाद अब तक गुजरात की जनता बीजेपी को ही आशीर्वाद दे रही है> ऐसा ही केरल में होगा।
मोदी ने सबरीमला के अयप्पा मंदिर में सोने की चोरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केरल में लेफ्ट फ्रंट हो या कांग्रेस, दोनों ने सिर्फ जनता का पैसा लूटा है, इन लोगों ने भगवान को भी नहीं छोड़ा, भगवान की मूर्तियों पर लगा सोना भी चुरा लिया, भगवान की गुल्लक से चोरी हिंदुओं की आस्था का मज़ाक़ है लेकिन ये मोदी की गारंटी है कि केरल में अगर बीजेपी की सरकार बनी तो भगवान के घर में चोरी करने वालों को जेल में डाला जाएगा।
जिस वक्त मोदी केरल में कांग्रेस पर निशाना साध रहे थे, उसी समय दिल्ली में केरल के कांग्रेस नेताओं की बैठक अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के साथ हो रही थी। केरल के सभी बड़े कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल, रमेश चेन्निथला, के. सुरेश और के. सुधाकरन समेत पार्टी के दूसरे बड़े नेता इस बैठक में थे, लेकिन शशि थरूर उस वक्त मोदी के साथ तिरूवंतनपुरम में थे। शशि थरूर ने सफाई दी, कहा कि तिरुवनंतपुरम से सांसद होने के नाते प्रधानमंत्री के सरकारी कार्यक्रम में मौजूद रहना उनके लिए ज़रूरी था। इसकी जानकारी उन्होंने पार्टी को पहले ही दे दी थी।
ये सही है कि तिरुवनंतपुरम में बीजेपी का मेयर बना है, इससे पार्टी के कार्यकर्ता उत्साहित हैं लेकिन केरल में लेफ्ट की जड़ें बहुत गहरी हैं। कांग्रेस भी यहां मजबूत हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने ग्रासरूट लेवल पर केरल में बहुत काम किया है। हर जिले में बीजेपी का झंडा पहुंचा है लेकिन वहां बीजेपी अकेले दम पर LDF और UDF का मुकाबला कर पाएगी, ये कहना मुश्किल है।
ये बात बीजेपी नेतृत्व भी समझता है, इसीलिए बीजेपी केरल में छोटी पार्टियों को साथ ले रही है। ये आज मोदी के प्रोग्राम में दिखा। दो छोटी पार्टियों के नेता मंच पर थे। इन पार्टियों को राष्ट्रीय स्तर पर पर कोई नहीं जानता लेकिन केरल के कई पॉकेट्स में इनका अच्छा जनाधार है।
एक कंपनी है कीटैक्स। ये बच्चों के कपड़े बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी है। इसके मालिक साबू जैकब ने लेफ्ट फ्रंट की सरकार से परेशान होकर खुद अपनी पार्टी बनाई, नाम है, Twenty20। अब Twenty20 पार्टी बीजेपी के साथ मिलकर केरल में चुनाव लड़ेगी। इसी तरह केरल के बड़े OBC नेता है, तुषार वेलपल्ली। उनकी पार्टी का नाम है, BDJS. इस पार्टी के साथ भी बीजेपी ने गठजोड़ किया है। केरल में बीजेपी की रणनीति है, छोटी पार्टियों को साथ लेकर केरल में LDF और UDF के खिलाफ मजबूत मोर्चा बनाया जाए। (रजत शर्मा)
देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 23 जनवरी, 2026 का पूरा एपिसोड