Rajat Sharma's Blog | क्या AI से भारत बदलेगा, कैसे बदलेगा?
भारत AI में भय नहीं, भाग्य देखता है, हमारे युवा नए नए टूल्स डेवलप कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया AI दुनिया में बड़ा बदलाव लाएगा। मोदी की बातों का AI की दुनिया के बड़े बड़े लीडरों ने समर्थन किया।
दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत का AI विज़न बताया। उन्होंने कहा, भारत AI में भय नहीं, भाग्य देखता है, हमारे युवा नए नए टूल्स डेवलप कर रहे हैं, लेकिन दुनिया के दूसरे देशों को AI के मामले में सोच बदलनी होगी, गोपनीयता छोड़नी होगी. AI को लोकतांत्रिक नज़रिए से देखना होगा, कोडिंग ज़ाहिर करनी होगी, तभी इसे मानवता के भले के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। मोदी की बातों का AI की दुनिया के बड़े बड़े लीडरों ने समर्थन किया। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने कहा, 10 साल पहले मुंबई में एक रेहड़ी वाला बैंक में खाता नहीं खुलवा सकता था, आज वही रेहड़ी वाला पलक झपकते ही अपने फ़ोन पर पेमेंट ले रहा है। मैक्रों ने कहा, ये सिर्फ़ तकनीकी तरक़्क़ी की कहानी नहीं, ये एक सभ्यता की कहानी है, भारत ने दुनिया में वो कर दिखाया, जो कोई अन्य देश नहीं कर सका, भारत ने एक अरब 40 करोड़ लोगों की डिजिटल पहचान बनाई, भारत ने ऐसा पेमेंट सिस्टम बनाया, जिसमें हर महीने 20 अरब लेनदेन की प्रॉसेसिंग होती है।
गूगल-अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई ने कहा उनके पिता रघुनाथ पिचाई ने उन्हें AI का एक बड़ा चैलेंज दिया है। कहा, जब वो अपने माता-पिता को गूगल की स्वचालित कार waymo में बिठाकर घुमाने ले गए, तो उनके पिता ने कहा, ये सब तो अच्छा है, तुम ऐसी कार भारत की भीड़-भाड़ भरी सड़कों पर चलाकर दिखाओ तो जानें। सुंदर पिचाई ने कहा कि वह अपने पिता का ये सपना पूरा करने के लिए काम कर रहे हैं। पिचाई ने कहा, एक वो ज़माना था जब वो खुद कोरोमंडल एक्सप्रेस में सवार होकर चेन्नई से IIT खडगपुर जाया करते थे, विशाखापत्तनम के रास्ते. आज उसी विशाखापत्तनम में गूगल एक फुल स्टैक AI हब 15 अरब डालर के निवेश के साथ स्थापित कर रहा है, तैयार होने के बाद इस हब में गीगावाट स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता होगी, ये समुद्र के भीतर एक केबल से जुड़ा होगा, जिसके ज़रिए पूरे भारत में लोगों को रोज़गार और कारोबार के अवसर मिलेंगे।
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा कि आने वाले दिनों में भारत AI का सबसे बड़ा बाजार बनेगा। ऑल्टमैन ने कहा कि ये सही है कि AI के आने से नौकरियों पर फर्क पड़ेगा, लेकिन इस चुनौती का हल भी AI से ही निकलेगा। AI समिट में मोदी 7 देशों के राष्ट्रपतियों, 9 देशों के प्रधानमंत्रियों, 50 से ज़्यादा देशों के मंत्रियों और दुनिया की बड़ी IT कंपनियों के प्रमुखों को संबोधित कर रहे थे। रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने बताया कैसे जियो इंटेलिजेंस ने AI का देसी मॉडल डेवेलप करने के लिए फ़ेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा से tie-up किया है। अंबानी ने कहा, जिस तरह जियो ने सस्ता डेटा और वाई-फाई पूरे देश में उपलब्ध कराया है, उसी तरह अब जियो AI को भी बेहद कम दाम में घर-घर पहुंचाएगा। इसके लिए रिलायंस ग्रुप अगले 7 साल में 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। रिलायंस के चैयरमैन ने कहा, मैं एक साहसिक भविष्यवाणी करना चाहता हूं, 21वीं सदी में भारत AI के सेक्टर में दुनिया की बड़ी ताक़तों में से एक बनकर उभरेगा, आने वाले समय में दुनिया का कोई भी देश, डेमोग्राफी, डेमोक्रेसी, डेवेलपमेंट, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा जेनरेशन और AI के इस्तेमाल के मामले में भारत का मुक़ाबला नहीं कर सकेगा। जियो ने भारत को इंटरनेट के दौर से जोड़ा। अब हम भारत को इंटेलिजेंस के युग से जोड़ेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कम शब्दों में कई बड़ी बातें कहीं। भारत AI में विश्व का अग्रणी बनना चाहता है, हमारे देश के पास दिमाग़ भी है, युवा शक्ति भी है और सरकार का समर्थन भी है। मोदी AI के ख़तरों के बारे में भी सावधान हैं, AI बच्चों के लिए ख़तरनाक हो सकता है, AI के कारण युवाओं की नौकरियां जा सकती हैं, AI लोगों को DeepFake के ज़रिए गुमराह कर सकता है। इस तरह के सारे ख़तरों का ज़िक्र आज हुआ। AI हमारे सामने है. इसे रोका नहीं जा सकता। अब ये हम पर है कि इसका इस्तेमाल कैसे करें, इंसानों की भलाई के लिए या समाज को नष्ट करने के लिए। AI जिस रफ्तार से आगे बढ रहा है, उस पर नियंत्रण भी उतनी ही रफ़्तार से करना होगा। यहां pause लेने, रुकने और सोचने का न समय है, न अवसर। (रजत शर्मा)
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