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Hindi News भारत राष्ट्रीय 9 दिन तक आम लोगों के लिए बंद रहेगा राष्ट्रपति भवन, प्रेसिडेंट सेक्रेटेरिएट ने वजह भी बताई

9 दिन तक आम लोगों के लिए बंद रहेगा राष्ट्रपति भवन, प्रेसिडेंट सेक्रेटेरिएट ने वजह भी बताई

राष्ट्रपति सेक्रेटेरिएट की ओर से बताया गया है कि 21 से 29 जनवरी तक राष्ट्रपति भवन आम लोगों के लिए बंद रहेगा। इस दौरान कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Rashtrapati bhavan- India TV Hindi Image Source : PTI राष्ट्रपति भवन

रिपब्लिक डे परेड और बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के कारण राष्ट्रपति भवन (सर्किट 1) 21 से 29 जनवरी तक आम लोगों के लिए बंद रहेगा। सर्किट 1 विजिटर्स को राष्ट्रपति भवन की मेन बिल्डिंग का टूर कराता है। शनिवार को जारी एक ऑफिशियल बयान में कहा गया कि गणतंत्र दिवस के कारण नौ दिन तक राष्ट्रपति भवन बंद रहेगा। राष्ट्रपति सेक्रेटेरिएट की ओर से जारी बयान में कहा गया, "आने वाले रिपब्लिक डे परेड और बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के कारण, 21 से 29 जनवरी, 2026 तक राष्ट्रपति भवन (सर्किट-1) आम लोगों के लिए बंद रहेगा।"

सालाना रिपब्लिक डे परेड कर्तव्य पथ पर होती है। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी रिपब्लिक डे का जश्न पूरा होने की निशानी है, 29 जनवरी को राष्ट्रपति भवन के पास, कर्तव्य पथ के पश्चिमी छोर पर विजय चौक पर होती है।

गणतंत्र दिवस परेड में भैरव बटालियन करेगी अपना पहला प्रदर्शन

नवगठित भैरव लाइट कमांडो बटालियन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में अपना पहला प्रदर्शन करेगी और स्वदेशी प्लेटफार्मों सहित प्रमुख सैन्य संपत्तियां कर्मियों के साथ "चरणबद्ध युद्ध संरचना" में कर्तव्य पथ पर नजर आएंगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि इसके अलावा, समारोह में होने वाले ‘फ्लाईपास्ट’ में राफेल, सुखोई-30, पी8आई, मिग-29, अपाचे, एलसीएच (हल्के लड़ाके हेलीकॉप्टर), एएलएच (एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर), एमआई-17 हेलीकॉप्टर विभिन्न संरचनाओं में दिखेंगे और परिवहन विमान सी-130 तथा सी-295 भी परेड की शोभा बढ़ाएंगे। 

रक्षा सचिव ने शेयर की रूपरेखा

रक्षा सचिव आर के सिंह ने साउथ ब्लॉक में एक प्रेसवार्ता में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की व्यापक रूपरेखा साझा की, जिसमें इस बार कई चीजें पहली बार देखने को मिलेंगी। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा परेड में मुख्य अतिथि होंगे। यह पूछे जाने पर कि स्वदेशी रूप से निर्मित एलसीए तेजस को परेड में शामिल क्यों नहीं किया गया, और क्या दुबई एयर शो में प्रदर्शन के दौरान नवंबर में तेजस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना इसका एक कारण है, उन्होंने कहा कि भारतीय बलों के कुछ बेहतरीन प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन किया जा रहा है। रक्षा सचिव ने कहा कि कुछ प्लेटफार्म को शामिल किया गया है जबकि कुछ को नहीं, लेकिन इसका कोई विशेष कारण नहीं है। 

क्या है इस साल की थीम?

इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ है। पारंपरिक प्रथा से हटकर, परेड स्थल पर बैठने की जगहों के नाम के लिए पहले इस्तेमाल किए जाने वाले ‘वीवीआईपी’ और अन्य नामों का प्रयोग नहीं किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इसके बजाय, सभी स्थानों का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा गया है। प्रेसवार्ता के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन नामों में गंगा, यमुना और नर्मदा जैसी भारत की प्रमुख नदियां शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार, 29 जनवरी को ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह के लिए बनाए जाने वाले बाड़ों का नाम भारतीय वाद्ययंत्रों जैसे ‘बांसुरी’, ‘सरोद’ और ‘तबला’ के नाम पर रखा गया है। भैरव लाइट कमांडो बटालियन गणतंत्र दिवस परेड में अपना पहला प्रदर्शन करेगी। इस बटालियन का गठन पिछले साल अक्टूबर के आसपास किया गया था। इसने जयपुर में आयोजित सेना दिवस परेड में भाग लिया था।

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