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एक तरफ मां का अंतिम संस्कार, दूसरी तरफ बोर्ड की परीक्षा, छात्र ने पेश की मिसाल

तमिलनाडु के एक छात्र ने अनोखी मिसाल पेश की है। दरअसल मां के अंतिम संस्कार को छोड़ छात्र 12वीं कक्षा की परीक्षा देने पहुंचा। इसके बाद वह मां के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ।

tamilnadu student set an example he appeard in boards exam before going to his mothers funeral- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV छात्र ने पेश किया मिसाल

तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले के वल्लीयूर में एक छात्र ने अनोखी मिसाल पेश की है। दरअसल अन्ना नगर में रहने वाली कृष्णमूर्ति की पत्नी सुबलक्ष्मी का सोमवार को निधन हो गया। इस दंपत्ति के दो बच्चे हैं। बेटे का नाम सुनील कुमार और बेटी का नाम युवासिनी है। कृष्णमूर्ति का 6 साल पहले निधन हो गया था। इसके बाद सुबलक्ष्मी ने ही अपनी संतानों को अकेले पाला। इस बीच सोमवार को तबीयत खराब होने की वजह से सुबलक्ष्मी का निधन हो गया। सुनील कुमार 12वीं कक्षा के छात्र हैं। मां की मौत होने के बावजूद सुनील कुमार ने अपने दुख को दबाकर तमिल भाषा की परीक्षा दी और दोपहर वह घर लौटा। 

एक तरफ मां का अंतिम संस्कार, एक तरफ परीक्षा

इसके बाद सुनील कुमार ने अपनी मां के अंतिम संस्कार में भाग लिया। परीक्षा देने जाने से पूर्व सुनील कुमार ने अपनी मां को छूकर कहा कि मां थोड़ी देर और रुक जाओ, मैं वापस आऊंगा। इतना सुनना ही था कि वहां मौजूद सभी लोगों की आंखों में आंसू आ गए। इस घटना ने एक तरफ जहां सभी को शोक में डूबा दिया। वहीं सुनील कुमार ने नई मिसाल पेश की है। बता दें कि इससे पूर्व महाराष्ट्र के लातूर में भी ऐसा ही एक मामला देखने को मिला था। यहां पिता का अंतिम संस्कार बीच में छोड़कर दिशा नागनाथ उबाले नाम की छात्रा अपनी 10वीं कक्षा की मराठी का परीक्षा देने पहुंची थी।

महाराष्ट्र में भी घटी थी ऐसी घटना

दरअसल दिशा के पिता बीमारी से जूझ रहे थे और उनका अंतिम संस्कार बीते दिनों भादा गांव में किया गया। भादा में जिला परिषद बालिका विद्यालय की छात्रा दिशा ने बताया कि उसे यकीन नहीं था कि वह शुक्रवार को सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (एसएससी) की परीक्षा दे पाएगी। तभी उसके शिक्षक शिवलिंग नागपुरे ने उसे परीक्षा में शामिल होने के लिये कहा। नागपुरे ने बताया कि उन्होंने लातूर डिवीजनल बोर्ड के चेयरमैन सुधाकर तेलंग से संपर्क किया, जिन्होंने दिशा से बात की और उसे हार न मानने के लिए प्रोत्साहित किया। हौसला दिखाते हुए 16 वर्षीय लड़की ने अपने आंसू पोंछे, अपने पिता को अंतिम विदाई दी और शुक्रवार को मराठी का पेपर देने के लिए औसा के अजीम हाई स्कूल में परीक्षा केंद्र की ओर चल पड़ी। दिशा के परिवार में उनकी दादी, मां और छोटा भाई शामिल हैं। भादा गांव के निवासी प्रेमनाथ लाटूरे ने बताया कि जब वह (दिशा) औसा में अपना पेपर लिख रही थीं, उसी दौरान उनके पिता का अंतिम संस्कार हो रहा था।

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