1,3,5,21, ये सगुन के पैसे नहीं, फसल नुकसान का मुआवजा! कृषि मंत्री शिवराज भी हैरान, दिए जांच के आदेश
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों को फसल नुकसान के मुआवजे के रूप में एक, तीन, पांच और 21 रुपये दिया जाना, उनके साथ मजाक करने जैसा है। इस मामले में उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं।
इस साल भारी बारिश के चलते अलग-अलग राज्यों में किसानों को खासा नुकसान हुआ है। कहीं खड़ी फसलें बाढ़ में बह गईं तो कहीं कटी हुई फसलें खलिहान या मंडी में सड़ गई। किसानों को खासा नुकसान हुआ है। ऐसे में कई किसानों के साथ मुआवजे के नाम पर मजाक हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि कुछ किसानों को फसल बीमा के नाम पर 1,3,5 और 21 रुपये दिए गए हैं। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस बारे में जानकारी मिली तो वह भी हैरान रह गए। उन्होंने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को इस घटना पर आश्चर्य जाहिर किया। उन्होंने कहा कि फसल बीमा के ऐसे क्लेम स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों को किसानों को हुए नुकसान का उचित आकलन करना चाहिए।
गहन जांच के आदेश दिए
शिवराज सिंह चौहान ने एक उच्च-स्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के कार्यान्वयन और बीमा दावों से संबंधित किसानों की शिकायतों की समीक्षा की। शिकायतों की गहन जांच के आदेश देते हुए, चौहान ने बीमा कंपनियों से दावों का शीघ्र और एकमुश्त निपटान करने को भी कहा। चौहान ने कड़े शब्दों में कहा, "बीमा कंपनियों द्वारा एक रुपये, तीन रुपये, पांच रुपये या 21 रुपये का फसल बीमा दावा देना किसानों के साथ मजाक करने जैसा है। सरकार ऐसा कभी नहीं होने देगी।"
किसानों से वर्चुअल बातचीत की
फसल क्षति से होने वाले नुकसान का सही आकलन सुनिश्चित करने के लिए, चौहान ने अधिकारियों को पीएमएफबीवाई योजना के प्रावधानों में आवश्यक बदलाव करने और किसी भी विसंगति को दूर करने के निर्देश दिए। बैठक में, मंत्री ने महाराष्ट्र के कुछ किसानों से वर्चुअल माध्यम से बातचीत भी की और उपस्थित अधिकारियों से उनकी शिकायतों का समाधान करने को कहा।
2016 में शुरू हुई थी योजना
यह योजना खरीफ 2016 से शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य किसानों की फसलों के लिए बुवाई से पहले से लेकर कटाई के बाद तक सभी अपरिहार्य प्राकृतिक जोखिमों के विरुद्ध व्यापक जोखिम कवर सुनिश्चित करने हेतु एक किफायती फसल बीमा उत्पाद प्रदान करके कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना था। हालांकि, अब इस योजना के तहत कुछ किसानों को 1-3,5 रुपये का मुआवजा दिए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, अब तक आधिकारिक तौर पर इन दावों की पुष्टि नहीं हो पाई है। (इनपुट- पीटीआई)
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