क्या है सुखोई SU-57 लड़ाकू विमान की खासियत? रूस भारत को कर रहा है ऑफर
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। पीएम मोदी ने एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया है। माना जा रहा है कि पुतिन और पीएम मोदी के बीच SU-57 लड़ाकू विमान को लेकर बात हो सकती है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत करने भारत की यात्रा पर आ गए हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच एक बड़ी बैठक होगी जिसमें भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र समेत कई अहम समझौते होने की संभावना है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि रूस भारत को अपना 5वीं पीढ़ी का सुखोई SU-57 लड़ाकू विमान भी देने पर भी बातचीत कर सकता है। आपको बता दें कि SU-57 लड़ाकू विमान दुनिया के सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों में से एक है।
SU-57 पर डील संभव
पीएम मोदी और पुतिन के ऊपर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। भारत और रूस के बीच 5वीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर प्लेन SU-57 पर भी डील संभव है। आपको बता दें कि सुखोई SU-57 5th जेनरेशन का स्टील्थ लड़ाकू विमान है। बता दें कि स्टील्थ विमान रडार की नजर में नहीं आते हैं। ये विमान मॉर्डन एरियल वॉर में कारगर है और दुनिया के सबसे आधुनिक विमानों में से एक है। SU-57 रडार में आने से पहले ही दुश्मन को तबाह करने की ताकत रखता है। रूस ने यूक्रेन युद्ध में भी SU-57 का इस्तेमाल किया है और इस विमान ने वहां जबरदस्त प्रदर्शन किया है।
भारत में निर्माण करने का भी ऑफर
भारत और रूस के बीच SU-57 को लेकर बड़ी डील हो सकती है। SU-57 रूस का फीफ्थ जनरेशन का सबसे हाइटेक फाइटर जेट है। रूस भारत को सिर्फ SU-57 फाइटर जेट बेचेगा नहीं बल्कि भारत में निर्माण भी होगा। रूस भारत को इस विमान के कोड और टेक्नोलॉजी भी ट्रांसफर करेगा। SU-57 एक ऐसा फाइटर जेट है जो रडार की पकड़ में नहीं आता है। अमेरिका के 5वीं पीढ़ी के F-35 लड़ाकू विमान की तुलना में SU-57 को अधिक किफायती और रणनीतिक रूप से बेहतर है माना जाता है।
SU-57 का खासियत
SU-57 दो सुपरसोनिक स्पीड इंजन से लैस है। ये जेट 3,500 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है। इस फाइटर जेट में दुनिया के सबसे एडवांस एवियोनिक्स मौजूद हैं। SU-57 की लंबाई 20 मीटर है और फायरिंग रेंज 3500 किलोमीटर है। SU-57 5400 फीट तक की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है। इसका वजन 18,500 किलो है। ये विमान कई भारी वजन के घातक मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है। SU-57 की गिनती दुनिया के सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान में होती है।
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