A
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. सोलो ट्रेकिंग पर निकली महिला अचानक हुई लापता, तीन दिन तक जंगल में भटकती रही; किया गया रेस्क्यू

सोलो ट्रेकिंग पर निकली महिला अचानक हुई लापता, तीन दिन तक जंगल में भटकती रही; किया गया रेस्क्यू

कर्नाटक के कोडगु जिले में सोलो ट्रेकिंग के दौरान एक महिला लापता हो गई। महिला तीन दिन तक जंगल में भटकती रही। आखिरकार उसे रेस्क्यू कर लिया गया है और वह सुरक्षित है।

तीन से लापता महिला को किया गया रेस्क्यू। - India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT तीन से लापता महिला को किया गया रेस्क्यू।

कर्नाटक के कोडगु जिले में एक महिला अचानक लापता हो गई, जिसे तीन दिन बाद रेस्क्यू किया गया है। महिला तीन दिनों तक जंगल में अकेली भटकती रही। जानकारी के मुताबिक केरलम की महिला सोलो ट्रेकिंग के लिए निकली थी। वन, जीव विज्ञान और पर्यावरण मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने अब से कुछ देर पहले कहा कि जी. एस. शरण्या (36), जो केरला से कर्नाटक के कोडगु जिले में ताडियंडामोल चोटी पर ट्रेकिंग के लिए आई थीं और 2 अप्रैल को लापता हो गई थीं, वो सुरक्षित मिल गई हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं। मंत्री ने कहा कि युवती की तलाश के लिए 9 टीमों ने दिन-रात अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उसे सुरक्षित रूप से केरला स्थित उसके घर तक पहुंचाया जाए।

रास्ता भटकने के बाद हुई लापता

जानकारी के मुताबिक ट्रेकिंग के लिए आई शरण्या 2 अप्रैल को 15 अन्य ट्रैकर्स और एक नेचर गाइड के साथ ट्रेकिंग पर गई थीं। हालांकि जब दोपहर में सभी ट्रैकर्स अपने मूल बेस पर लौटे, तो पता चला कि शरण्या रास्ता भटक गई और लापता हो गई। जैसे ही यह मामला सामने आया, तभी से 5 टीमों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया। वहीं आज मुख्यमंत्री सिद्धरामैया और AICC के प्रधान सचिव के. सी. वेणुगोपाल ने युवती के लापता होने पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज तलाशी अभियान के लिए अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया था। युवती अब मिल गई है मंत्री ईश्वर खण्डरे ने उससे बात भी की और कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ है।

नहीं मिल रही थी लोकेशन

महिला की तलाशी के लिए 40 अतिरिक्त वन कर्मियों को तैनात किया गया था। कुल 9 टीमों ने मिलकर तलाशी अभियान चलाया। इसमें पुलिस विभाग, नक्सल विरोधी दस्ते और वन विभाग सहित कई संगठनों ने सहयोग किया। स्थानीय आदिवासी लोगों ने भी तलाशी अभियान में मदद की। मंत्री ने सभी को बधाई दी और उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि वह 3 दिनों से जंगल में अकेली घूम रही थी और वह बहुत बहादुर है। वह एक साहसी युवती है। जंगल में मोबाइल नेटवर्क नहीं है। इसलिए, उसे अपनी सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा था। इसी वजह से तलाशी अभियान में कुछ देरी हुई।

यह भी पढ़ें-

बरेली में दर्दनाक हादसा, खड़े टैंकर में पीछे से जा घुसी बोलेरो, 5 की मौत; कई घायल

Latest India News