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Hindi News भारत राजनीति कर्नाटक में तोड़े गए मुसलमानों के घर, केरल CM ने घेरा तो बिफरे DK शिवकुमार; पढ़ें दोनों की कहासुनी

कर्नाटक में तोड़े गए मुसलमानों के घर, केरल CM ने घेरा तो बिफरे DK शिवकुमार; पढ़ें दोनों की कहासुनी

बेंगलुरु में बुलडोजर एक्शन अब अंतर-राज्यीय सियासी बहस में बदल गया है, जिसको लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस सरकार पर अल्पसंख्यक विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाया है।

Pinarayi Vijayan vs DK Shivakumar- India TV Hindi Image Source : PTI बेंगलुरु बुलडोजर एक्शन पर केरल सीएम और डीके शिवकुमार में जुबानी जंग।

बेंगलुरु: कर्नाटक के बेंगलुरु में अतिक्रमण हटाने के दौरान सरकारी संपत्ति पर बने घर तोड़ दिए गए। इसमें अल्पसंख्यक मुसलमानों के घर थे। अब यह मुद्दा कर्नाटक से निकलकर बगल के राज्य केरल तक पहुंच गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस मुद्दे को केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने उठाया है। उन्होंने कांग्रेस की कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया है कि वह एंटी माइनॉरिटी पॉलिटिक्स के तहत काम कर रही है। इसको लेकर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन्हें जवाब भी दिया है। जानें दोनों ने एक-दूसरे को क्या कहा?

केरल CM का कर्नाटक सरकार पर निशाना

केरल सीएम पिनाराई विजयन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, 'बेंगलुरु में फकीर कॉलोनी और वसीम लेआउट को बुलडोजर से गिराकर वहां वर्षों से रह रहे मुस्लिम परिवारों को बेदखल करना, बुलडोजर राज के क्रूर सामान्यीकरण को दिखाता है। दुख की बात है कि संघ परिवार की एंटी माइनॉरिटी पॉलिटिक्स अब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार में चल रही है। जब कोई सरकार, भय और क्रूरता के बल पर शासन करती है, तो संवैधानिक मूल्य और मानवीय गरिमा सबसे पहले उसका शिकार होते हैं। सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होकर इस खतरनाक ट्रेंड का विरोध करना चाहिए और इसे हराना चाहिए।'

येलाहांका में क्यों चला बुलडोजर?

इसके जवाब में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री ने पोस्ट किया, 'येलाहांका के कोगिलु गांव में सफाई अभियान सार्वजनिक भूमि और जन सुरक्षा के लिए कानून के अनुसार सख्ती से चलाया गया है। बीबीएमपी को अलॉट सरकारी गोमाला भूमि के सर्वे संख्या 99 में लगभग 15 एकड़ भूमि एक पत्थर की खदान है जिसका इस्तेमाल सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल के लिए किया जाता है और यह इंसानों के रहने के लिए बहुत ही ज्यादा असुरक्षित है।'

विस्थापित परिवारों पर क्या बोले डीके शिवकुमार?

उन्होंने आगे लिखा कि इस डंपसाइट पर अनाधिकृत रूप से निर्मित एसी-शीट के मकानों को 20 दिसंबर 2025 को हटाया गया। उनके पुनर्वास का इंतजाम कर दिया गया है और पात्र विस्थापित परिवारों को सरकारी योजनाओं के तहत आवास देने पर विचार हो रहा है। हमारा एकमात्र मकसद जिंदगियों को बचाना और अवैध अतिक्रमण रोकना है।

डीके शिवकुमार का केरल के मुख्यमंत्री को जवाब

वहीं, केरल सीएम को नसीहत देते हुए डीके शिवकुमार ने लिखा कि कर्नाटक सरकार संविधान के दायरे में रहकर, समानता, निष्पक्षता और मानवता को सर्वोपरि मानते हुए काम करती है। मैं केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि वे अपनी राय बनाने से पहले इन जमीनी तथ्यों पर विचार करें।

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